चूरू जिले के रतनगढ़ में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष के लोगों ने दामाद पर भूत-प्रेत का साया बताकर न केवल अमानवीय क्रियाएं की, बल्कि उसकी हत्या कर दी। अब कोर्ट के आदेश पर 27 दिन बाद शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
मामला क्या है?
रतनगढ़ थाना क्षेत्र के वार्ड 21 निवासी महबूब खान की 17 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बेटे इमरान का आरोप है कि ननिहाल पक्ष के लोगों ने तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर पहले उसे प्रताड़ित किया और फिर पिता की हत्या कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार, मृतक को जबरन मिर्च का पानी पिलाया गया, कान में तेल भरी रूई डाली गई और आंखों में मिर्च झोंकी गई। इतना ही नहीं, जबरन मिर्च और कोयले खिलाने के बाद महबूब को पानी से भरे टब में डुबोया गया। इन तांत्रिक क्रियाओं के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
“शव का बिना पोस्टमॉर्टम दफनाया गया”
घटना के बाद तांत्रिक क्रियाएं करने वालों ने इमरान को डराया कि अगर पोस्टमॉर्टम कराया गया तो बुरी आत्मा परिवार को बर्बाद कर देगी। डर के कारण इमरान ने अपने पिता के शव का बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार कर दिया।
“कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला”
इमरान ने 27 अगस्त को कोर्ट में इस्तगासा दायर कर ननिहाल पक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। कोर्ट आदेश के बाद पुलिस ने एसडीएम की अनुमति से शुक्रवार को शव को कब्र से निकलवाया और रतनगढ़ के जालान अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
“मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमॉर्टम”
जालान अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेन्द्र सिंघोया ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा। इसके लिए फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रामगोपाल मुंडेल, सर्जन डॉ. सुखवीर कस्वां, ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ डॉ. सुखवीर खीचड़ और पैथोलॉजिस्ट डॉ. रामानुज महर्षि को शामिल किया गया है।
“पुलिस की जांच जारी”
रतनगढ़ थानाधिकारी दिलीप सिंह शेखावत ने पुष्टि की कि कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शव का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लिहाज़ा यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर होने वाले अपराधों की भयावह हकीकत को सामने लाती है।
