जयपुर में मिलावटखोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 3500 किलो नकली घी जब्त किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी राजस्थान सरकार के लोकप्रिय ब्रांड 'सरस घी' समेत कई नामी कंपनियों के नाम पर नकली घी तैयार कर बाजार में बेच रहे थे। इस तरह ग्राहकों को असली ब्रांड का उत्पाद बताकर मिलावटी घी की बिक्री की जा रही थी।
जयपुर में नकली घी के बड़े कारोबार का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, नकली घी तैयार करने के लिए पाम ऑयल और वनस्पति यानी हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसा का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद इसे नामी ब्रांडों की पैकिंग में भरकर बाजार में उतारा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में इस गड़बड़ी का पता चला, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में मिलावटी घी जब्त किया।
सरस घी के नाम पर ग्राहकों को किया जा रहा था गुमराह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी राजस्थान सरकार के ब्रांड 'सरस घी' की नकल कर नकली उत्पाद तैयार कर रहे थे। पैकेट पर छोटे अक्षरों में 'राजस्थान' लिखकर ग्राहकों के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा था, ताकि उन्हें यह असली सरस घी लगे। इसके अलावा अन्य नामी ब्रांडों के नाम पर भी नकली घी की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है।
आरोपी कथित तौर पर असली ब्रांडेड घी की पहचान और लोकप्रियता का फायदा उठाकर मिलावटी उत्पाद को बाजार में खपा रहे थे। पैकेजिंग और ब्रांड के नाम के जरिए ग्राहकों को असली और नकली उत्पाद के बीच अंतर समझने में मुश्किल हो रही थी।
पाम ऑयल और वनस्पति से तैयार हो रहा था नकली घी
जांच में सामने आया है कि नकली घी बनाने के लिए पाम ऑयल और वनस्पति वसा का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन दोनों को मिलाकर घी जैसा उत्पाद तैयार किया जाता था और फिर इसे ब्रांडेड घी के नाम पर बेचा जा रहा था। इस तरह कम लागत में तैयार मिलावटी उत्पाद को असली घी बताकर बाजार में उतारा जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई के दौरान करीब 3500 किलो नकली घी जब्त किया है। इतनी बड़ी मात्रा में मिलावटी घी की बरामदगी से इस कारोबार के व्यापक स्तर पर संचालित होने की आशंका है।
मिलावटखोरी के नेटवर्क की जांच में जुटा विभाग
इस कार्रवाई के बाद अब मिलावटी घी की सप्लाई और बिक्री से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच अहम हो गई है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि नकली घी कहां तैयार किया जा रहा था और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था। साथ ही, नामी ब्रांडों की पैकिंग का इस्तेमाल कर बाजार में नकली उत्पाद पहुंचाने के मामले की भी पड़ताल की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों में मिलावट और ब्रांडेड उत्पादों के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का मुद्दा सामने ला दिया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
