कभी 52 दरवाजों से घिरा था ये ऐतिहासिक शहर, आज कुछ ही हैं इसकी पहचान; जानें भारत के 'सिटी ऑफ गेट्स' के बारे में

भारत की ऐतिहासिक विरासत में एक ऐसा शहर भी शामिल है, जिसे कभी 'दरवाजों का शहर' कहा जाता था। कहा जाता है कि इस शहर में अलग-अलग दिशाओं से प्रवेश के लिए 52 विशाल दरवाजे बनाए गए थे, जिनमें कई आज भी इतिहास की गवाही देते हैं। तो आखिर कौन-सा है यह अनोखा शहर और क्या है इसके ऐतिहासिक दरवाजों की पूरी हकीकत, आइए जानते हैं।

City of Gates: भारत के इतिहास में कई ऐसे शहर हैं, जिनकी पहचान उनकी अनूठी विरासत और स्थापत्य कला से बनी है। इन्हीं ऐतिहासिक शहरों में एक नाम ऐसा भी है, जिसे कभी 'दरवाजों का शहर' कहा जाता था। बताया जाता है कि इस शहर में प्रवेश के लिए अलग-अलग दिशाओं में कुल 52 दरवाजे बनाए गए थे। ये विशाल दरवाजे शहर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ उसकी समृद्ध वास्तुकला की भी पहचान थे। समय के साथ इनमें से कई दरवाजे नष्ट हो गए, जबकि कुछ आज भी अपने गौरवशाली अतीत की कहानी सुनाते हैं। इन ऐतिहासिक द्वारों से जुड़ी कहानियां आज भी स्थानीय इतिहास और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यही अनोखी विरासत इस शहर को भारत के ऐतिहासिक और पर्यटन मानचित्र पर एक खास पहचान दिलाती है। ऐसे में आइए जानें इस शहर के बारे में।

City of Gates

जानिए कहां मौजूद है दरवाजों का शहर (AI फोटो)

क्या है शहर का नाम?

भारत में सबसे अधिक ऐतिहासिक दरवाजों के लिए प्रसिद्ध शहर की बात करें, तो महाराष्ट्र का छत्रपति संभाजीनगर सबसे प्रमुख नामों में शामिल है। इसे लंबे समय तक औरंगाबाद के नाम से जाना जाता रहा है। ऐतिहासिक महत्व के चलते इस शहर को 'गेटवे ऑफ द डेक्कन' (Gateway of Deccan) और 'सिटी ऑफ गेट्स' (City of Gates) जैसे नामों से भी पहचान मिली है।

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