उत्तर भारत में इस बार गर्मी का मौसम जल्दी आने की आशंका फिलहाल टलती नजर आ रही है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी का दौर लगातार जारी है। जिसके कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में ठंडक लौट आई है। जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले दो हफ्तों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
सांकेतिक फोटो (Canva)
हीटवेव थमी, अब ठंडी हवाओं का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के अंत तक उत्तर भारत में लगातार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय रहेंगे। जिसके प्रभाव से बीच-बीच में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का मौसम बना रहेगा। इस बदलाव के कारण तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। जिससे फिलहाल बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लग गया है।उत्तर भारत में मार्च की शुरुआत में बढ़ती गर्मी ने लोगों को बहुत परेशान कर दिया था। चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिल्ली, बिहार समेत कई राज्यों में अभी से ही अप्रैल-मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा था। राजस्थान में तो मार्च में ही लू का अलर्ट भी जारी कर दिया गया था। लेकिन अब मौसम ने राहत भरी करवट ली है। बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आई है और आने वाले दिनों में भी ठंडक बने रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, मौसम हुआ सुहाना
मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, 14 मार्च के आसपास एक्टिव हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और बर्फबारी शुरू हुई है। यह वेदर सिस्टम 21 मार्च तक असर दिखाएगा, इसके बाद 23 मार्च और फिर 27 मार्च के आसपास दो और नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेंगे।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश
इस बदलाव के कारण न केवल मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी ताजा बर्फबारी देखने को मिल रही है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग में हुई बर्फबारी ने पर्यटकों के लिए खास आकर्षण पैदा किया है। बर्फबारी के कारण श्रीनगर में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर लगभग 11 डिग्री तक पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि निचले और मध्यम इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर-2.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली के मौसम में भी बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। 11 मार्च को जहां अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह कम होकर 30 डिग्री के आसपास आ गया है। आने वाले दिनों में यह 27 डिग्री तक गिर सकता है। मौसम में हुए इस बदलाव से उत्तराखंड और हिमाचल में जंगलों में आग लगने के खतरे में भी कमी आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर मार्च के दूसरे पखवाड़े में ठंडक और बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है।
