Bokaro News: बोकारो जिले के सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लि.) ढोरी एरिया की कॉलोनी में एक क्वार्टर पर अवैध कब्जे को लेकर डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो ने आधी रात को जमकर हंगामा किया। उन्होंने क्वार्टर को अवैध कब्जे से मुक्त कराने आए पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विधायक ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह चीखते हुए पुलिस को ललकार रहे हैं।
बोकारो में CCL के क्वार्टर पर अवैध कब्जा
थानों की पुलिस फोर्स पहुंची
विधायक ने पुलिस अफसरों को चोर-भ्रष्टाचारी तक करार दिया। विधायक का कहना था कि जब उनके कार्यकर्ताओं ने एक क्वार्टर पर कब्जा किया तो चार थानों की पुलिस फोर्स उसे खाली कराने क्यों पहुंची है, जबकि सीसीएल के कई क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है।
क्वार्टर पर लगाया गया जेएलकेएम का झंडा
विधायक और पुलिस के बीच बहस एवं हंगामे की यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात की है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के कुछ कार्यकर्ताओं ने सीसीएल के डी-2 क्वार्टर पर जेएलकेएम का झंडा- बैनर लगा दिया। वहां कुर्सियां और दरी भी बिछा दी गई। यह क्वार्टर सीसीएल में कार्यरत मैनेजमेंट ट्रेनी (एमटी) आयुष्मान कुमार, विनय वर्मा, राहुल राज और प्रद्युमन कुमार के नाम पर आवंटित है।
क्वार्टर खाली कराने पहुंचे सीआईएसएफ के जवान
विधायक महतो के समर्थक जब क्वार्टर पर कब्जा जमा रहे थे, उस दौरान इसकी सूचना मिलने पर सीआईएसएफ के जवान क्वार्टर खाली कराने पहुंचे, लेकिन विधायक समर्थक अड़े रहे। मामला बिगड़ता देख बेरमो, चंद्रपुरा, गांधीनगर और नावाडीह थाने के इंचार्ज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। अपने समर्थकों से इसकी जानकारी मिलने पर विधायक जयराम महतो रात करीब दो बजे मौके पर पहुंचे।
पुलिस अफसरों को सुनाई गई खरी-खोटी
क्वार्टर के पास स्कॉर्पियो खड़ी कर विधायक बोनट पर बैठ गए और क्वार्टर खाली कराने आए पुलिस अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस घटना के वायरल वीडियो में विधायक जयराम महतो थाना प्रभारी को डांटते हुए चुप रहने को कहते दिख रहे हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे मामलों को देखने के लिए मैं अकेला काफी हूं। विधायकी को जेब में लेकर चलता हूं।
बताया जा रहा है कि विधायक और पुलिस के बीच बहसबाजी सुबह करीब तीन बजे तक चलती रही। अवैध कब्जाधारियों के लिए विधायक के अड़े रहने के कारण पुलिस को लौटना पड़ा।
--आईएएनएस
