I-PAC केस में बड़े खुलासे, काले धन को सफेद बनाने का खेल उजागर! फर्जी बिल और हवाला कनेक्शन पर जांच तेज

I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फाउंडर वीनेश चंदेल की गिरफ्तार के बाद ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी 50% लेन-देन बैंकिंग चैनल से और बाकी कैश में करती थी। फर्जी बिल, हवाला नेटवर्क और संदिग्ध राजनीतिक फंडिंग के माध्यम से काले धन को सफेद बनाने का आरोप है।

I-PAC Founder Arrest: I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग केस में फाउंडर वीनेश चंदेल की गिरफ्तारी के बाद ED ने जांच में कई अहम खुलासे किए हैं। ED के अनुसार, I-PAC कंपनी अपने कुछ डायरेक्टर्स और सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध पैसों को वैध बनाने का काम कर रही थी। जांच में सामने आया कि कंपनी ने एक ऐसा सिस्टम बनाया था, जिससे काले धन को घुमाकर सफेद दिखाया जा सके। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में वीनेश चंदेल की मुख्य भूमिका थी और कंपनी के सभी बड़े फैसले वही लेता था। ED अब कैश ट्रांजैक्शन, फर्जी बिलिंग और हवाला कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।

ed I-PAC Founder arrest case

सांकेतिक फोटो

I-PAC के फाउंडर और डायरेक्टर वीनेश चंदेल को सोमवार शाम करीब 7:45 बजे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून PMLA के तहत की गई। ED ने यह जांच दिल्ली पुलिस की एक FIR के आधार पर शुरू की थी, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और फर्जी अकाउंटिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि विनेश चंदेल कंपनी के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल फैसलों को कंट्रोल करता था। जिसके चलते इस मामले में उसकी भूमिका सबसे अहम बताई जा रही है।

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