Himachal Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून की बारिश लोगों के लिए बड़ी आफत बनकर बरस रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबे के कारण राज्य की करीब 87 सड़कें बंद हो चुकी हैं।शिमला मौसम केंद्र ने शनिवार को कांगड़ा और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
हिमाचल में कुदरत का कहर! (फाइल फोटो)
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो राज्य में 10 सितंबर तक बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला हुआ है, जहां 37 रास्ते बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 22, कांगड़ा में 8, चंबा में 5 और सिरमौर तथा ऊना में 4-4 सड़कें मलबे की वजह से पूरी तरह ठप हैं।
शिमला, सोलन, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर जिलों में भी कई जगहों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई है। बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। राज्य में 27 बिजली के ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं, जबकि 19 पेयजल योजनाएं ठप होने से लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 108 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, राज्य सरकार को अब तक 1,237 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
