Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मौसम के मिजाज बदलने लगे हैं। प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले और पड़ोसी क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी है। हालांकि, इस साल अब तक इस इलाके में अपेक्षा से कम बर्फबारी हुई है। पर्यटन के लिए प्रसिद्ध शहर मनाली में न्यूनतम तापमान गिर कर 9-10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में स्थिति काफी गंभीर है। लाहौल-स्पीति में पारा पहले ही फ्रीजिंग पॉइंट (शून्य) से काफी नीचे चला गया है। स्पीति घाटी के काजा में पिछले सप्ताह ही न्यूनतम तापमान -16 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था, जबकि केलोंग में भी तापमान -4 से -10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। माइनस में तापमान पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल के लाहौल-स्पीति में कड़ाके की ठंड (Photo - Canva)
कड़ाके की ठंड में जमी नदियां
लाहौल-स्पीति में लगातार बढ़ रही ठंड ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में तापमान और गिरेगा, जिससे ठंड का स्तर भी बढ़ेगा। यहां न्यूनतम तापमान -20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जाने का आसार हैं। लाहौल-स्पीति ठंड का आलम यह है कि कोकसर जैसे ऊपरी इलाकों में नदियां और प्राकृतिक नाले जम गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को दैनिक कार्य करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के जम जाने से पीने के पानी और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा बर्फबारी के इंतजार में स्थानीय लोग
जहां एक तरफ ठंड बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग बेसब्री से ताजा बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद कि जा रही है कि बर्फबारी होने से न केवल ठंड की तीव्रता थोड़ी कम होगी, बल्कि यह क्षेत्र सर्दियों के वंडरलैंड में भी बदल जाएगा। ताजा बर्फबारी से भारी संख्या में पर्यटकों का आगमन शुरू होगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापार को बढ़ावा देगी। बर्फबारी पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यापारियों के लिए जीवन रेखा साबित होगी, जो इस मौसम में अच्छी कमाई की उम्मीद करते हैं।
