हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत, मानसून में अब तक 31 बार फटे बादल; फ्लैश फ्लड में बहे कई पुल

हिमाचल प्रदेश में आसमान से आफत बरस रही है। प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक 31 बार बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं और 57 बार लैंडस्लाइड हुई है। बुधवार शाम को भी पांच जगहों पर बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई। जिसने भारी नुकसान पहुंचाया। इसके कारण लाहौल स्पीति के दो पुल भी बह गए। हालांकि इस दौरान जानमाल की हानि की कोई सूचना नहीं है।

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और अचानक बाढ़ आने की ताजा घटनाओं के बाद शिमला और लाहौल एवं स्पीति जिलों में कई पुल बह गए जबकि दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 300 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि गानवी घाटी में ताजा बाढ़ में एक पुलिस चौकी बह गई, जबकि शिमला जिले में भारी बारिश के बाद एक बस स्टैंड और आसपास की दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं में दो पुल बह गए, जिससे जिले की कूट और क्याव पंचायतों का संपर्क कट गया है। हालांकि अबतक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान अब तक 63 अचानक बाढ़ की घटनाएं, 31 बादल फटने और 57 बड़े भूस्खलन हुए हैं।

Himachal Pradesh Rains

हिमाचल में मौसम मचा रहा तबाही - फाइल फोटो (PTI)

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि जनजातीय लाहौल और स्पीति जिले की मयाड घाटी के करपट, चांगुत और उदगोस नाला में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के कारण दो और पुल बह गए। उन्होंने बताया कि करपट गांव पर खतरा होने के मद्देनजर वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। स्थानीय निवासी रंजीत लाहौली ने बताया कि करीब दस बीघा कृषि भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और जिला प्रशासन राहत कार्य कर रहा है। कुल्लू ज़िले के कुर्पन खड्ड (जाओं) में भी बाढ़ की खबर है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को कुर्पन खड्ड और बागीपुल-निरमंड के आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

End of Feed