Kolkata Rain Update: पश्चिम बंगाल के दक्षिण बंगाल और कोलकाता के लोगों को मंगलवार दोपहर उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन इसके साथ आई आफत ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दोपहर के वक्त अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश (Kal Ka Mausam) की वजह से कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
कोलकाता वेदर अपडेट
जगह-जगह पेड़ उखड़ने और जलभराव होने के कारण सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दफ्तर और स्कूल-कॉलेज से घर लौट रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर में छाया अंधेरा
मौसम विभाग के मुताबिक, दोपहर की शुरुआत से ही कोलकाता के आसमान पर काले घने बादल मंडराने लगे थे। करीब 2 बजे तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर के कई प्रमुख इलाकों को प्रभावित किया।
एस्प्लेनेड और कलकत्ता हाईकोर्ट के पास भारी तूफान की वजह से विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। हाईकोर्ट परिसर के अंदर खड़ी कुछ गाड़ियों पर भी पेड़ गिर गए, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा है। वहीं, डफरिन रोड पर एक अस्थाई मूर्ति का ढांचा भी इस तूफान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
स्कूल-कॉलेज के छात्र और कामकाजी लोग बुरी तरह फंसे
तेज बारिश और तूफान का यह दौर ठीक उसी समय शुरू हुआ जब स्कूलों, कॉलेजों और कई दफ्तरों में छुट्टी का समय हो रहा था। अचानक मौसम बिगड़ने से छात्र, उनके अभिभावक और कर्मचारी सड़कों पर ही फंस गए। कई जगहों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
हालांकि, नगर निगम के कर्मचारी तुरंत हरकत में आए और कटर मशीनों की मदद से गिरे हुए पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ करने के काम में जुट गए ताकि ट्रैफिक को दोबारा सुचारू किया जा सके। गनीमत यह रही कि इस आपदा में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व व पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में भी इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रह सकता है।
