आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर लीडर और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और ED, CBI, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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'ED 48 घंटे रेड के बाद खाली हाथ लौटी'
मोगा विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से जुड़े कई ठिकानों पर करीब 48 घंटे तक चली ED की रेड का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि एजेंसी खाली हाथ लौटी है और एक पैसा भी बरामद नहीं कर पाई, जिससे एक बार फिर आप नेताओं को ‘कट्टर ईमानदार’ होने का सर्टिफिकेट मिल गया है। आप पंजाब महिला विंग की प्रधान और मोगा विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने कहा, “जब भी किसी राज्य में चुनाव पास आते हैं, भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। ED, CBI, इनकम टैक्स और यहां तक कि इलेक्शन कमीशन का भी इस्तेमाल मीडिया में खबरें बनाने, विरोधी नेताओं को डराने, फंसाने और राजनीतिक पार्टियों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। इसका मकसद डेमोक्रेटिक तरीके से चुनी हुई सरकारों को कमजोर करना है।”
मंत्री पद और राज्यसभा का लालच देकर तोड़ने की कोशिश
पिछले पांच सालों में विधायक के तौर पर डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के काम की तारीफ करते हुए चीमा ने कहा, “उन्होंने लगातार महिलाओं, स्टूडेंट्स, हेल्थकेयर और पंजाब के लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। उनकी सोशल सर्विस की तारीफ करने के बजाय, भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान किया है।” उन्होंने कहा, “ED ने लगभग 48 घंटे तक रेड की, लेकिन एक भी आपत्तिजनक दस्तावेज या एक भी पैसा बरामद नहीं कर सका। इससे इस पूरे ऑपरेशन का राजनीतिक मकसद साफ पता चलता है। एक चुने हुए प्रतिनिधि और उसके परिवार पर इतनी लंबी तलाशी, पूछताछ और दबाव मानसिक टॉर्चर और बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन है।”
चीमा ने आगे कहा, “भाजपा आप नेताओं को इसलिए टारगेट कर रही है क्योंकि वे पंजाब, आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। भाजपा आप के विधायक को मंत्री पद, राज्यसभा की मेंबरशिप और दूसरे पावरफुल पदों का ऑफर देकर तोड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन हमारे नेता लोगों की सेवा के लिए कमिटेड हैं और उन्हें पद या लालच से नहीं खरीदा जा सकता।”
'घर, ऑफिस, अस्पताल सब जगह रेड'
डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा, “ED ने मेरे घर, ऑफिस, अस्पताल और परिवार वालों के घरों पर करीब 48 घंटे तक रेड की, खाली हाथ लौटी। अधिकारियों ने करीब 42 से 48 घंटे तक तलाशी और पूछताछ जारी रखी, लेकिन आखिर में एक भी दस्तावेज या पैसा बरामद किए बिना लौट गए।” उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उनसे बच्चों की मार्कशीट, परिवार की प्रॉपर्टी के कागजात से लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड, पब्लिक कंप्लेंट और अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से जुड़ी जानकारी के बारे में पूछताछ की। लंबी तलाशी जानबूझकर मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए लंबी खींची गई।
'जब तक जिंदा हूं केजरीवाल-मान के साथ खड़ी रहूंगी'
डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा, “मुझे मंत्री पद समेत कई पदों के ऑफर भी दिए गए, लेकिन मैंने इन लालच को ठुकरा दिया। मैं पंजाब और देश के लिए काम करने के लिए राजनीति में आई हूं, न कि पद या टिकट के लिए। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ खड़ी रहूंगी। कोई भी दबाव, धमकी या लालच मुझे अपने उसूलों से समझौता करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा, “आज, पंजाब विधानसभा में आप की 11 महिला विधायक हैं, जो राज्य की विधानसभा के इतिहास में महिलाओं का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व है। कोई भी धमकी, दबाव या परेशानी मेरे या आप की महिला नेताओं के इरादे को कमजोर नहीं कर सकती। हम पंजाब के लिए काम करना जारी रखेंगे।”
