Gwalior News: अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में ग्वालियर की डबरा सिविल कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही सात हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में हड़कंप मच गया तथा आक्रोश का माहौल था। बताया जा रहा है कि जब अबोध बालिका घर के बाहर बारात देखने निकली थी। तभी आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ एक खेत में ले गया था, जहां दुष्कर्म करने के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।
मासूम से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा (सांकेतिक फोटो)
कब की है घटना?
जिला एवं सत्र न्यायालय ग्वालियर के अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया है कि घटना 6 फरवरी 2023 की है। जब एक अबोध बालिका अपने घर से बारात देखने के लिए निकली थी और जब वो देर रात तक वापस नहीं आई, तो उसके परिजनों ने ढूंढना प्रारंभ किया और पूछताछ शुरू की। तब पता लगा कि शेरू नामक व्यक्ति के साथ आखिरी बार देखी गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने थाना करहिया में की। थाना करहिया ने आरोपी को राउंड अप करने के बाद उससे सख्ती से पूछताछ की। तो आरोपी शेरू जाटव जल्दी ही टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसने अबोध बालिका के साथ घिनौना कृत्य किया है और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी है।
आरोपी को मिली फांसी की सजा
इसका अभियोग पत्र डबरा सिविल न्यायालय के विशेष न्यायाधीश के सामने प्रस्तुत किया गया था। जिसमें शासन की ओर से रासायनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट संलग्न की गईं। इन सभी का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी का कृत्य बेहद निंदनीय है और जो समाज के लिए घातक है। शासन के द्वारा ऐसे आरोपी के लिए न्यायालय से अधिकतम सजा की मांग की गई थी। जिसमें न्यायालय ने आरोपी शेरू जाटव पुत्र पातीराम जाटव उम्र 27 साल को फांसी की सजा का निर्णय पारित किया है। साथ ही सात हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। फिलहाल आरोपी शेरू जाटव डबरा उपजेल में है।
