Hindu Mahapanchayat in Palwal: हरियाणा के पलवल में रविवार (13 अगस्त, 2023) को संपन्न हुई हिंदुओं की महापंचायत में फैसला हुआ कि 28 अगस्त, 2023 को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ब्रज मंडल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो कि 31 जुलाई को क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद बाधित हो गई थी। पोंदरी गांव में ‘सर्व हिंदू समाज’ के बैनर तले आयोजित हुई इस ‘सर्व जातीय महापंचायत’ में 51 लोगों की समिति की ओर से और भी कई फैसले लिए गए, जबकि कुछ अहम मांग भी उठाई गईं।
Hindu Mahapanchayat in Palwal: कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ नारे भी लगे। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
समिति की ओर से इनमें कहा गया कि सूबे के सीएम मनोहर लाल खट्टर बदले जाएं। कांग्रेस के विधायक मामन खान पर एफआईआर दर्ज हो और वे अरेस्ट किए जाएं। जिला में बसे रोहिंग्या निकाले जाएं और इसे जिले के तौर पर खत्म कर दिया जाए। वे 20 अगस्त को दिल्ली में जंतर-मंतरपर महापंचायत करेंगे।
यूं हुई भड़काऊ बयानबाजी, बोले- करो या मरो की नौबत है!
हरियाणा गोरक्ष दल के नेता आचार्य शास्त्री ने कार्यक्रम में विवादित बयान दिया। वह बोले- हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि मेवात में 100 हथियारों के लाइसेंस दिए जाएं। बंदूकों के बजाय राइफल्स के लाइसेंस मिलने चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी रेंज अधिक होती है। फिलहाल करो या मरो की स्थिति है। युवाओं से कह रहा हूं कि खून गर्म रखना पड़ेगा। हमें एफआईआर से नहीं डरना चाहिए। मेरे खिलाफ भी केस हैं, पर हमें डरना नहीं चाहिए। जागना होगा।"सुन ले प्रशासन...", सोशल मीडिया पर आया VIDEO
माइक्रो ब्लॉगिंग मंच टि्वटर पर रविवार को सामने आए महापंचायत के दौरान के वीडियो में एक वक्ता यह कह रहे थे, "प्रशासन यह सुन ले...हम लोग अपने मंदिर जाएंगे। वहां शिवलिंग पर जल चढ़ाएंगे और बाबा हनुमान के मंदिर भी जाएंगे। हिंदुस्तान का और दुनिया का कोई कानून नहीं है, जो हमें अनुमति लेने के लिए कहता हो। हमें किस बात की अनुमति की जरूरत है?"महापंचायत में क्या हुआ? जानें, बड़ी बातें
- 28 अगस्त, 2023 को ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा निकलेगी
- नूंह जिला खत्म किया जाए, सीएम मनोहर लाल खट्टर भी बदले जाएं
- दंगाइयों पर नूंह में दर्ज केस गुरुग्राम या फिर दूसरे जिले में ट्रांसफर हों, सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो
- अपील की गई कि हिंसा से जुड़े सारे केस एनआईए को सौंपे जाएं
- मृतकों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा मिले
- घायलों को भी 50 लाख-50 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए
- सांप्रदायिक हिंसा के दौरान जो नुकसान हुआ, उसकी रिकवरी हो
- मांग उठाई कि नूंह क्षेत्र को गोहत्या मुक्त बनाया जाए
- समिति ने क्षेत्र में सभी झगड़ों की जड़ गाय तस्करी को बताया
- कहा- सुरक्षा सुनिश्चित करने को नूंह में अर्धसैनिक बल का मुख्यालय बने
- भाषणों के दौरान कुछ लोगों ने "जय श्री राम" आदि के नारे भी लगाए
एएसपी कुलदीप सिंह की ओर से महापंचायत निपटने के बाद समाचार एजेंसी एएनआई को बताया गया- कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। न तो कोई अप्रिय घटना हुई और न ही अशांत माहौल बना। हमारे संज्ञान में कोई भी "एक्ट्रीम स्पीच" नहीं आई। प्रोग्राम में आयोजकों की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से कुछ फैसले लिए गए। हालांकि, थोड़ा समय लग गया। यह पंचायत सुबह 10 बजे चालू हुई थी, जबकि शाम चार बजे संपन्न हुई।
दरअसल, पलवल के पड़ोसी जिले नूंह में भीड़ की ओर से विहिप की यात्रा पर हमला किए जाने की घटना और इसके बाद हुई हिंसा में दो होमगार्ड और एक नायब इमाम समेत छह लोग मारे गए थे।
