Shiva Temple in Gurugram: गुरुग्राम के ईंछापुरी के मंदिर में होती हैं सभी इच्छाएं पूरी, महाशिवरात्रि पर लगता है मेला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 02:49 PM IST

Shiva Temple in Gurugram: पटौदी के पास ईछापुरी गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लाखों भक्‍तों की आस्‍था बसती है। इस मंदिर में विराजमान शिवलिंग अपने आप जमीन से प्रकट्य हुई है। इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की हर मुराद पूरी होती है, जिसकी वजह से गांव का नाम ईछापुरी पड़ा। महाशिवरात्रि पर यहां भव्‍य मेले का आयोजन होता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • मंदिर में विराजमान शिवलिंग जमीन से प्रकट्य हुई
  • प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास करीब 500 साल पुराना
  • मंदिर में आने वाले भक्‍तों की हर मुराद होती है पूरी


Shiva Temple in Gurugram: गुरुग्राम को साइबर सिटी के तौर पर देश-दुनिया में ख्‍याति मिली हुई है। यह शहर जितना आधुनिक है, उतना ही ऐतिहासिक और धार्मिक भी। यहां पर कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी प्रसिद्धी देश भर में फैली है। इन मंदिरों में से एक पटौदी के पास स्थित ईछापुरी का प्राचीन शिव मंदिर है। इस मंदिर के बारे में मान्‍यता है कि, यहां पर विराजमान शिवलिंग अपने आप जमीन से प्रकट्य हुई है। इस मंदिर में श्रद्धापूर्वक कोई भी मुराद मांगो, वह जरूर पूरी होती है। मंदिर में आने वाले भक्‍तों की इच्छाएं पूरी होने के कारण ही इस गांव का नाम भी अपभ्रंश होकर ईंछापुरी पड़ गया। महाशिवरात्रि पर यहां पर भव्‍य मेला का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

Famous Shiva Temple of Gurugram

ईछापुरी प्राचीन शिव मंदिर

गांव की आबादी से दूर खेतों में बना यह मंदिर जिले के प्राचीन मंदिरों में शामिल है। मंदिर में जमीन से लगभग 15 फुट नीचे बने गर्भ गृह में स्‍थापित शिव लिंग को लेकर एक दंत कथा प्रचालित है। मान्‍यता है कि करीब 500 साल पहले यहां खेत में जुताई के दौरान हल जमीन में एक पत्थर से जा टकराया। किसान ने उस पत्थर को निकालने के लिए खोदना शुरू किया, लेकिन वह जितना जमीन को खोदता, पत्थर उतना ही जमीन में धंसता चला जाता। आखिर में परेशान होकर किसान ने यह बात गांव के लोगों को बताई। जिसके बाद गांव वाले मिल कर पत्थर को निकालने के लिए खुदाई करने लगे, लेकिन इसके बाद भी पत्थर नहीं निकला।

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