Gujarat Nandini Bosamiya Case: गुजरात के राजकोट शहर से एक दिल दहला देने वाला और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां 'आम आदमी पार्टी' (AAP) के टिकट पर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुकीं 21 वर्षीय युवती नंदिनी आनंदभाई बोसामिया का शव उनके किराये के फ्लैट में फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस भले ही इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के दखल के बाद इस घटना ने बेहद गंभीर और रहस्यमयी मोड़ ले लिया है।
क्या है नंदनी का केस, जो शादीशुदा असलम के साथ लिव-इन में थी और चुनी मौत...गर्भाशय निकालने जैसे कई गंभीर आरोप
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
इस दुखद घटना की गूंज देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मीडिया रिपोर्ट्स और घटना की भयावहता का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे अत्यंत गंभीर, दुखद और परेशान करने वाला बताया है। आयोग ने गुजरात पुलिस के महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने तथा मुख्य आरोपी व उसके रिश्तेदारों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कानूनी धाराएं लगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
जबरन गर्भाशय निकलवाने और गहने हड़पने की खौफनाक दास्तान
मूल रूप से जेतपुर के नवगढ़ की रहने वाली नंदिनी पिछले करीब एक साल से राजकोट के गोंडल रोड पर एक किराये के मकान में असलम हुसैन समा नामक व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। नंदिनी की बहन रूपल ने आरोपी असलम पर जो आरोप लगाए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। रूपल के मुताबिक, 'असलम पहले से ही शादीशुदा था और उसका एक बेटा भी है। उसने नंदिनी को झांसे में लिया और बाद में उस पर दबाव बनाकर उसका जबरन गर्भाशय (Uterus) निकालने का ऑपरेशन करवा दिया, ताकि वह दोबारा पिता न बन सके। यही नहीं, असलम ने नंदिनी के सोने और चांदी के सारे कीमती आभूषण भी धोखे से गिरवी रख दिए थे।'
परिजनों का कहना है कि नंदिनी इस दलदल से बाहर निकलकर नौकरी ढूंढना चाहती थी और स्वतंत्र जीना चाहती थी, लेकिन उसे इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह मानसिक रूप से टूट गई।
'पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं...'
नंदिनी के पिता आनंदभाई बोसामिया (जो खुद भी 'आप' के कार्यकर्ता हैं) ने पुलिस को बताया कि कदम उठाने से ठीक पहले नंदिनी ने उन्हें एक आखिरी व्हाट्सएप मैसेज भेजा था। उस संदेश में लिखा था, 'पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं।' इसके तुरंत बाद जब परिजन फ्लैट पर पहुंचे तो पंखे से नंदिनी का शव लटका हुआ मिला।
पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला
रिपोर्ट के अनुसार, नंदिनी और असलम के इस रिश्ते का दोनों के परिवार विरोध कर रहे थे। करीब पांच महीने पहले जब वे जूनागढ़ में थे, तब असलम की पहली पत्नी और उसके कुछ रिश्तेदारों ने नंदिनी पर जानलेवा हमला भी किया था। इस संबंध में जूनागढ़ के सी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद अपनी जान बचाने के लिए ये दोनों राजकोट शिफ्ट हो गए थे।
पुलिसिया जांच और राजनीतिक मोड़
इस पूरे मामले को लेकर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) बी जे चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि असलम अक्सर जूनागढ़ अपनी पहली पत्नी और बच्चे से मिलने जाता था, जिससे नंदिनी काफी आहत और परेशान रहती थी। हालांकि, पुलिस अब परिजनों द्वारा लगाए गए शारीरिक शोषण और जबरन सर्जरी वाले आरोपों की वैज्ञानिक जांच करवा रही है। शव को फॉरेंसिक पोस्टमार्टम (FSL) के लिए भेज दिया गया है। वहीं, बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा द्वारा इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाए जाने के बाद प्रशासन बेहद मुस्तैद है और मामले की हर एंगल से तफ्तीश की जा रही है।
