Gujarat News: गुजरात के गांधीनगर स्थित उद्योग भवन में तैनात एक असिस्टेंट इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक निर्माण परियोजना से जुड़े फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र और एनओसी को मान्यता देने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। सरकारी फाइलें कभी-कभी इतनी धीमी चलती हैं कि उन्हें धक्का देने के लिए रिश्वत का जैक लगाना पड़ता है। कम से कम कुछ लोगों को तो ऐसा ही लगता है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनिषकुमार नवीनचंद्र रावल (53) के रूप में हुई है, जो उद्योग भवन, गांधीनगर में असिस्टेंट इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर, वर्ग-2 के पद पर कार्यरत है।
गांधीनगर में सरकारी अधिकारी ACB के जाल में फंसा
शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता निर्माण परियोजनाओं में पैसिव फायर सिस्टम से संबंधित काम करता है। इन परियोजनाओं के प्रमाणपत्र और एनओसी संबंधित विभाग के माध्यम से आरोपी अधिकारी के पास मंजूरी के लिए भेजे जाते थे। आरोप है कि प्रमाणपत्र को मान्य करने और एनओसी प्रक्रिया पूरी करने के बदले आरोपी ने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने आरोपी को रकम किस्तों में देने की बात कही और 18 मई को 50 हजार रुपये देने का वादा किया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी अहमदाबाद यूनिट से संपर्क कर पूरी जानकारी दी।
एसीबी टीम ने पकड़ा रंगे हाथ
एसीबी ने शिकायत के आधार पर गांधीनगर में ट्रैप आयोजित किया। जाल बिछाने के दौरान आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से मुलाकात कर रिश्वत से संबंधित बातचीत की और 50 हजार रुपये की रकम स्वीकार करते ही एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई गांधीनगर के घ-2 सर्कल क्षेत्र में पटेल आइसक्रीम के पास, 102 एएमटीएस बस स्टैंड के सामने सार्वजनिक सड़क पर की गई। एसीबी ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी 50 हजार रुपये की रकम बरामद कर ली है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
इस ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व एसीबी अहमदाबाद शहर के पुलिस इंस्पेक्टर डी.बी. वाला ने किया। कार्रवाई एसीबी अहमदाबाद यूनिट के सहायक निदेशक एम.एच. पुवार के सुपरविजन और उपनिदेशक हरेश मेवाड़ा के मार्गदर्शन में की गई। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
