गाजियाबाद के लोगों को जल्द ही मेट्रो और रैपिड रेल के कनेक्ट होने से समय की बचत होने वाली है। रैपिड रेल को मेट्रो से जोड़ने का मामला लखनऊ में उठाया गया। एमएलसी दिनेश गोयल ने विधान परिषद में दोनों रूट को जोड़ने की मांग की। दरअसल, स्थानीय लोग वैशाली से नोएडा मेट्रो को कनेक्ट करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे। इससे आवागमन में आसानी होगी। गोयल ने कहा कि गाजियाबाद से दिल्ली और नोएडा के लिए मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की समस्या को उठाया।
( फाइल फोटो)
तीन मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने का कार्य
जानकारी के लिए बता दें कि वैशाली मेट्रो स्टेशन का कार्य 2011 में शुरू हुआ था, जबकि मोहन नगर और नोएडा 62 का कार्य मार्च 2019 में शुरू हुआ। लेकिन, 6 साल बाद भी इन तीन मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इससे यात्रियों को बहुत असुविधा हो रही है। नमो भारत ट्रेन का रूट सराय काले खां से मेरठ तक है। यदि मोहन नगर, वैशाली और नोएडा 62 के बीच कनेक्शन हो जाए, तो यात्रियों को लाभ होगा।
गोयल ने राजस्व मामलों में फाइलें लटकाने की समस्या भी उठाई।
गाजियाबाद में रैपिड रेल को मेट्रो से जोड़ने की मांग लखनऊ में उठाई गई। एमएलसी दिनेश गोयल ने विधान परिषद में वैशाली से नोएडा मेट्रो को कनेक्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे स्थानीय निवासियों का आवागमन आसान होगा। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद से दिल्ली और नोएडा के लिए मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वैशाली मेट्रो स्टेशन का कार्य 2011 में शुरू हुआ था, लेकिन छह साल बाद भी मोहन नगर और नोएडा 62 के साथ कनेक्शन नहीं हो पाया है। गोयल ने राजस्व मामलों में फाइलें लटकाने की समस्या भी उठाई, जिसमें शासन स्तर पर सुधार की आवश्यकता है।
रैपिड रेल नमो भारत की योजना लखनऊ में मेट्रो को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है? यह परियोजना नोएडा से वैशाली मेट्रो को जोड़ने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों को साकार करने का अवसर प्रदान कर रही है। यदि यह कनेक्शन सफल होता है, तो न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी बदलाव आएगा। आइए, इस रोमांचक विकास पर नजर डालें और जानें कि यह आपके लिए क्या मायने रखता है!
