Greater Noida West News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस क्षेत्र को नोएडा एक्सटेंशन भी कहा जाता है और परेशानियों को देखते हुए निवासियों ने इसे नोएडा-एक-टेंशन कहना सालों पहले शुरू कर दिया था। अब जिस तरह के हालात हैं उसे देखते हुए कई निवासी इलाके को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बजाय Greater Noida Waste कह रहे हैं। ऐसा क्यों? इस प्रश्न का उत्तर आपको अगले पैरा में मिल जाएगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बना अवैध डंपिंग यार्ड
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में राइज चौकी से मशहूर चार मूर्ति चौक की ओर जाने वाले के.एल मिश्रा मार्ग को अस्थायी डंपिंग जोन बना दिया गया है। यहां पर कूड़े का ढेर पड़ा हुआ है, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबू का सामना करना पड़ता है। इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
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आसपास की सोसाइटियों में रहने वाले लोग पिछले लगभग 1 महीने से सकी शिकायत अथॉरिटी से कर रहे हैं। अथॉरिटी से लोगों ने कई बार इस अस्थायी डंपिंग यार्ड को यहां से हटाने का अनुरोध किया, लेकिन अथॉरिटी के अधिकारियों की कुंभकरणी नींद खुलने का नाम नहीं ले रही। ऐसा लगता है जैसे अधिकारी कान में तेल डालकर सो गए हैं। अथॉरिटी के अधिकारियों की नींद ऐसी की वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद भी नहीं जाग रहे।
सड़क पर कूड़ा फैला रहे लोग
अधिकारी खुले आम 'स्वच्छ भारत मिशन' की धज्जियां उड़ा रहे, उड़ाने दे रहे हैं और मौज से अपने एसी दफ्तर में बैठे हैं। इसके बावजूद की जनता स्वयं उन तक शिकायत लेकर जा रही है, वह दफ्तर से हिलने का नाम नहीं ले रहे। स्थानीय लोगों के बार-बार शिकायत करने के बाद लीपा-पोती के अंदाज में अथॉरिटी ने कूड़ा वहां से हटाने की बजाए, सड़क से हटाकर एक किनारे लगा दिया।
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आसपास के होटल-ढाबा वाले और अन्य लोग यहां लगातार कूड़ा डाल रहे हैं। अथॉरिटी की नाक के नीचे यहां पर इन व्यवसायियों ने अस्थायी डंपिग यार्ड बना दिया है, लेकिन अथॉरिटी के अधिकारी मस्त एसी दफ्तरों में बैठे हैं। उन्हें जनता और जनता की परेशानियों की कोई चिंता ही नहीं है।
