Maharashtra: 6 साल की बच्ची के गले में फंसा लोहे का हुक, सरकारी डॉक्टर बने देवदूत; बिना सर्जरी किया कमाल

महाराष्ट्र के सांगली जिले में सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए एक छह वर्षीय बच्ची की जान बचाई। खेलते समय निगला गया लोहे का ‘एस’ आकार का हुक उसकी खाने की नली में फंस गया था, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे माता-पिता के लिए सरकारी अस्पताल के चिकित्सक किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुए।

Maharashtra News: कहा जाता है कि डॉक्टर भगवान से कम नहीं होते और महाराष्ट्र के सांगली जिले में यह बात एक बार फिर सच साबित हुई। यहां एक सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने जरूरतमंद माता-पिता के लिए देवदूत बनकर उनकी बच्ची की जान बचाई। दरअसल, सांगली के मिरज क्षेत्र में रहने वाली 6 वर्षीय स्फूर्ति शुभम सोकटे खेलते समय अनजाने में शोपीस में लगा ‘एस’ आकार का बड़ा लोहे का हुक निगल गई। यह धातु का टुकड़ा उसकी खाने की नली (फूड पाइप) में जाकर अटक गया, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

Government Doctors in Sangli Save 6-Year-Old Girl Life

सांगली जिले में सरकारी डॉक्टरों ने बचाई 6 साल की मासूम की जान

चिंतित और बेबस माता-पिता

बताया जा रहा है कि, घटना के बाद स्फूर्ति के माता-पिता घबरा गए और तुरंत इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर काटने लगे। उनकी चिंता और बेबसी के बीच सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने समय रहते बच्ची का सफल इलाज कर उन्हें राहत की सांस दी। स्फूर्ति के माता-पिता सबसे पहले उसे एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे।

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