Noida Autharity: नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाले 5% विकसित आवासीय प्लॉट के लंबित मामलों को निपटाने के लिए मास्टर प्लान-2031 में संशोधन किया है। इससे करीब 12 हजार किसानों को प्लॉट मिलने का रास्ता खुल सकता है। इस संशोधन से 12 हजार किसानों को फायदा होगा।संशोधन से उन किसानों को विकसित आवासीय प्लॉट मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2031 में किया संशोधन।
5% प्लॉट का प्रावधान
नोएडा प्राधिकरण की नीति के तहत जिन किसानों की जमीन विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है, उन्हें अधिग्रहित जमीन के 5% के बराबर विकसित आवासीय प्लॉट दिए जाने का प्रावधान है।
गांवों की आबादी के पास मिलेंगे प्लॉट
अब प्राधिकरण प्रत्येक गांव में मौजूदा आबादी (गांव की आबादी/आबादी क्षेत्र) से लगी जमीन पर किसानों के लिए आवासीय प्लॉट विकसित कर सकेगा।
सरकारी और प्राधिकरण की जमीन का इस्तेमाल
प्लॉट विकसित करने के लिए ऐसी आबादी की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो सरकार या प्राधिकरण के स्वामित्व में है।
मास्टर प्लान में बदलाव क्यों जरूरी हुआ?
मास्टर प्लान-2031 लगभग पूरी तरह लागू होने के करीब है। ऐसे में किसानों के लिए नए प्लॉट निर्धारित करने के लिए उपयुक्त जमीन मिलना मुश्किल हो रहा था।
प्राधिकरण के पास जमीन की कमी
नोएडा प्राधिकरण के पास सीमित लैंड बैंक होने के कारण किसानों की प्लॉट की मांग पूरी करने में परेशानी आ रही थी।
किसानों का प्रदर्शन
7 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन (मंच) के बैनर तले किसानों ने नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित कार्यालय के बाहर विकसित प्लॉट की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
अब आगे क्या होगा?
1. मास्टर प्लान में संशोधन के प्रस्ताव पर जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे।
2. इसके बाद प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
3. मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण उपयुक्त जमीन हासिल करेगा।
4. पात्र किसानों को विकसित आवासीय प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
