Ghazipur SP Delegation: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के कटारिया गांव में आज समाजवादी पार्टी (सपा) का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचा। इस दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और गांव के साथ-साथ उसके सभी प्रमुख मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई।
गाजीपुर पहुंचा सपा डेलिगेशन
गांव में जगह-जगह पहरा
गांव में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई, वहीं मीडिया के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि गांव के भीतर किसी भी मीडिया कर्मी को जाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त रही कि गांव के बाहरी इलाकों में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पीड़ित परिवार से सपा प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
डेलिगेशन की चार सदस्यीय टीम को जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण की मौजूदगी में गांव के एंट्री पॉइंट से पीड़ित परिवार तक ले जाया गया। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल गांव के भीतर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा और उनकी स्थिति का जायजा लेगा।
जाने से पहले क्या बोले सपा नेता
इस बीच, डेलिगेशन टीम के मुखिया और पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा ने गाजीपुर पुलिस लाइन में बातचीत के दौरान बताया कि अखिलेश यादव के निर्देश पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा जाना है। उन्होंने कहा कि परिवार से मुलाकात प्रशासन की अनुमति पर निर्भर करेगी, हालांकि इस संबंध में पार्टी नेतृत्व की बात प्रशासनिक अधिकारियों से हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि गत 15 अप्रैल को गाजीपुर जिले के करंडा इलाके में एक किशोरी का शव मिला था। उसके परिवार ने बेटी के यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। यह विवाद 22 अप्रैल को तब और बढ़ गया जब पीड़ित परिवार से मिलने गए समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल पर गांव में पथराव किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि गांव का प्रधान और दबंग ताकतों द्वारा संरक्षित अन्य लोग इस हमले के पीछे है। उन्होंने इसे पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर हमला करार दिया था।
