Ghaziabad Staircase Collapse: रविवार तड़के गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में एक आवास विकास की बहुमंजिला इमारत का स्टेयरकेस (सीढ़ी) अचानक भरभरा कर गिर गया, जिससे ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले आठ परिवार चौथी मंजिल पर फंस गए। गनीमत की बात रही कि हादसा तड़के करीब 4:30 बजे हुआ, जिस समय अधिकतर लोग अपने घरों में थे। उस समय सीढ़ियों का इस्तेमाल कोई नहीं कर रहा था, वरना हादसे में गंभीर जान-माल का नुकसान हो सकता था।
फायर ब्रिगेड ने फंसे लोगों को बाहर निकाला
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू करके फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों में इस घटना को लेकर भारी दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हादसा इमारत की जर्जर हालत, बारिश और दीवारों में सीलन के कारण हुआ। एक निवासी ने बताया कि वर्षों से सीढ़ियों की हालत खराब थी, लेकिन कभी किसी ने इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी नहीं ली।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है आवास विकास?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवास विकास परिषद के अधिकारी पहले भी इमारत का निरीक्षण करने आए थे, लेकिन उन्होंने मरम्मत का जिम्मा निवासियों पर डाल दिया। निवासियों के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि स्टेयरकेस को ठीक करवाने का खर्च उन्हें खुद उठाना होगा।
25 साल में ही हालत खस्ता
यह इमारत वर्ष 2000 में लोगों को मुहैया कराई गई थी। महज 25 सालों में इस बिल्डिंग की हालत इतनी खराब हो गई है कि अब उसकी सीढ़ियां तक गिरने लगी हैं। इससे यह सवाल भी उठता है कि आने वाले वर्षों में यदि इमारत का कोई और हिस्सा गिरता है और उससे जान-माल का नुकसान होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? घटना के बाद लोगों में डर और चिंता दिखाई दी, उनका कहना है कि इमारत की जर्जर हालत को देखते हुए तुरंत एक्शन की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
