मेरठ में डॉक्टर का खौफनाक इलाज! टांकों की जगह बच्चे के घाव को Fevikwik से चिपकाया, रातभर दर्द से तड़पता रहा मासूम

मेरठ में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर आरोप है कि उसने एक ढाई साल के बच्चे की चोट का इलाज करने की बजाय उसे फेविक्विक लगाकर चिपका दिया। जिसके कारण बच्चा रातभर दर्द से तड़पता रहा। अगले दिन दूसरे अस्पताल में ले जाने पर डॉक्टरों ने फेविक्विक निकालकर बच्चे की चोट पर टांका लगाया। मेरठ सीएमओ ने बताया की इस मामले में जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।

Meerut News: मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक डॉक्टर ने बच्चे की आंख के पास लगी चोट का इलाज फेविक्विक से किया। बच्चे को टांके लगाने की जगह डॉक्टर ने उसके घाव को फेविक्विक से चिपका दिया। जिस कारण बच्चा रातभर दर्द से तड़पता रहा। अगले दिन उसके परिजन बच्चे को दूसरे अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसकी आंख के पास लगा फेविक्विक छुड़ाया। जिसके बाद उसे टांका लगाया गया।

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सांकेतिक फोटो (istock)

खेलते-खेलते बच्चे को लगी चोट

यह मामला मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित मेपल्स हाइट का है। जहां पर फाइनेंसर सरदार जसपिंदर सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका ढाई साल का बेटा शाम को घर में खेल रहा था। तभी वह टेबल के कोने से टकरा गया और उसकी आंख के पास चोट लगने से खून बहने लगा। बच्चे को तुरंत नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया। जहां डॉक्टर ने उसके इलाज का अनोखा तरीका अपनाया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें 5 रुपये का फेविक्विक लाने को कहा। उन्होंने डॉक्टर पर भरोसा किया और फेविक्विक लेकर आ गए। जिसके बाद डॉक्टर ने बच्चे के घाव को साफ किए बिना ही फेविक्विक से कटे हिस्से को चिपका दिया।

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