Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। यहां एक बुजुर्ग महिला को अपने ही बेटे की हिंसा का शिकार होना पड़ा, क्योंकि उसने नशे के लिए पैसे देने से मना कर दिया था। यह मामला गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर-23 स्थित जागृति विहार इलाके का है। जानकारी के मुताबिक आरोपी बेटे का नाम निशांत है, जिसकी उम्र करीब 44 साल बताई जा रही है। बताया गया है कि निशांत अपनी मां से नशा करने के लिए पैसे मांग रहा था। जब मां ने इनकार किया, तो वह आपा खो बैठा और उनके साथ बेरहमी से मारपीट करने लगा। उसने न सिर्फ मां के बाल खींचे, बल्कि उनका गला दबाने की भी कोशिश की।
पैसे के लिए बेटे ने बुजुर्ग मां पर किया हमला (सांकेतिक फोटो)
अमेरिका में रहती है बेटी
पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बुजुर्ग महिला की बेटी अमेरिका में रहती है और उसे सीसीटीवी का एक्सेस था। जैसे ही उसने अपने भाई की यह शर्मनाक हरकत देखी, उसने तुरंत वीडियो कॉलोनी के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा कर दिया। इसके बाद यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे निशांत को गिरफ्तार कर लिया।
घर के खर्चों के लिए बेटी भेजती है पैसे
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो जांच में पता चला कि इस घर में बुजुर्ग महिला भगवान देवी अपने 44 वर्षीय बेटे निशांत राघव के साथ रहती हैं। भगवान देवी के पति विजयपाल राघव का पहले ही निधन हो चुका है। वे एक स्कूल के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त थे और उनकी पत्नी को पेंशन मिलती है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बुजुर्ग महिला की बेटी निशा अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही है और घर के खर्चों के लिए वहीं से नियमित रूप से पैसे भेजती है।
मां की देखभाल के लिए लगवाए थे कैमरे
यह घटना बीते शुक्रवार की बताई जा रही है, जब निशांत ने नशा करने के लिए अपनी मां से पैसे मांगे थे। बताया गया है कि मां की देखभाल के उद्देश्य से बेटी ने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी निशांत के चार बच्चे हैं। नशे की लत के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके में रहने लगी है। इसके अलावा करीब छह महीने पहले भी निशांत को पत्नी के साथ मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। आरोपी लगभग तीन महीने पहले ही नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आया था।
