Gandhinagar News: गुजरात की राजधानी गांधीनगर में ₹1.10 करोड़ के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद खूनी हमले में बदल गया। इन्फोसिटी थाना क्षेत्र के कुडासन स्थित एक जिम में समझौते के बहाने बुलाकर 10-12 हथियारबंद लोगों ने दो युवकों पर चाकुओं और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर 11 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता उत्सव पटेल ने आरोप लगाया है कि महेंद्रसिंह राठौड़ और उसके बेटे अभिमन्यु राठौड़ ने राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) में चेयरमैन बनवाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में कुल ₹1.10 करोड़ लिए थे। आरोप है कि लंबे समय तक काम नहीं हुआ और रुपये लौटाने की मांग पर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था।
आरोपियों को सार्वजनिक रूप से ले जाने की तस्वीर
समझौते के बहाने बुलाया, फिर चाकुओं से हमला
एफआईआर के मुताबिक, 29 जून की रात कुडासन स्थित आरहा फिटनेस जिम में समझौते के लिए बैठक रखी गई थी। शिकायतकर्ता, उसके पिता और अन्य लोग वहां पहुंचे थे। आरोप है कि महेंद्रसिंह राठौड़ अपने बेटे और 10-12 अन्य लोगों के साथ चाकू, अन्य धारदार हथियार और लाठियां लेकर पहुंचा और बातचीत शुरू होने से पहले ही हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, भरतसिंह चंदावत पर कई चाकू से वार किए गए, जबकि बीच-बचाव करने आए उत्सव पटेल पर भी हाथ, पैर, पीठ और पेट में चाकू मारे गए। हमलावरों ने शिकायतकर्ता की कार में भी तोड़फोड़ की। गंभीर रूप से घायल भरतसिंह को पहले गांधीनगर सिविल अस्पताल और बाद में के.डी. अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
समझौते की बैठक हिंसक झड़प में बदली
डीवाईएसपी डी.टी. गोहिल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ₹1.10 करोड़ के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के समाधान के लिए बैठक बुलाई गई थी, लेकिन आरोपियों के हथियारों के साथ पहुंचने के बाद हिंसक झड़प हो गई। घटना में चार लोग घायल हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एलसीबी, डी-स्टाफ और इन्फोसिटी पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर 11 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।
RTDC में चेयरमैन बनवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप
एफआईआर में दावा किया गया है कि पहले सरकारी कंपनी में डीलरशिप दिलाने और बाद में राजस्थान सरकार में प्रभाव होने का भरोसा देकर RTDC में चेयरमैन बनवाने के नाम पर रकम ली गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि काम नहीं होने और पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत हमला कराया।
आरोपियों के जुलूस पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर घटनास्थल पर ले जाकर री-कंस्ट्रक्शन कराया। इस दौरान आरोपियों को सार्वजनिक रूप से ले जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि पूर्व कार्यवाहक डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव के उस आदेश का पालन हुआ या नहीं, जिसमें आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकालने और अपमानजनक व्यवहार से बचने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
