रिश्वतखोरी के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व मैनेजर को 4 साल की जेल, 30 हजार रुपये का जुर्माना

बलरामपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व ब्रांच मैनेजर सुबोध कुमार रस्तोगी को रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की जेल हुई है। लखनऊ की सीबीआई अदालत ने सोमवार को उन्हें दोषी ठहराते हुए 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।

Balrampur Bribery Case: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां लखनऊ की सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व ब्रांच मैनेजर को रिश्वतखोरी के जुर्म में चार साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सोमवार को आरोपी सुबोध कुमार रस्तोगी को दोषी करार देते हुए 4 साल की जेल के साथ-साथ 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने आरोपी को साल 2015 में एक कारोबारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

High Court ai system

सांकेतिक फोटो

लोन जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत

सीबीआई के मुताबिक, 2015 में बलरामपुर के एक कारोबारी ने सोलर लाइट का कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की बलरामपुर शाखा से 5 लाख रुपये का लोन लिया था। आरोप था कि लोन की पहली किस्त के रूप में 1.25 लाख रुपये जारी करते समय तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सुबोध कुमार रस्तोगी ने सीए चार्ज, स्टांप पेपर और फाइल चार्ज के नाम पर कारोबारी से करीब 25 हजार रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद कारोबारी के खाते में 3.75 लाख रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट भी जारी की गई। आरोप है कि इस रकम के बदले मैनेजर ने कारोबारी से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। साथ ही पैसे नहीं देने पर बैंक खाता बंद करने की धमकी दी।

End of Feed