Faridabad Crime: फरीदाबाद के सदर थानाक्षेत्र सेक्टर 65 में स्थित एक सोसाइटी के बाहर देर रात एक कारोबारी की कार के अंदर उसके ही लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार कर हत्या कर दी गई। घटना के समय मौके पर मृतक के दो साथी भी मौजूद थे, जो गोली लगने के बाद उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान अरविंद पुत्र जगन सिंह निवासी गांव घर्रोट, जिला पलवल के रूप में की है।
कारोबारी की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार कर हत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मृतक के परिजनों के अनुसार, वह बल्लभगढ़ में बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई करने का कार्य करता है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पुलिस को शिकायत देकर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। परिजनों का आरोप है कि, मृतक को रेप के झूठे केस में फंसाने का डर दिखा कर मंथली रुपए मांगे गए थे, लेकिन जब उसने पैसे देने से इंकार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
आरोपियों ने पहले ही छीन ली थी मृतक की रिवाल्वर
सदर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने हत्या की इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि, रात करीब साढ़े 11 बजे सूचना मिली थी कि, सेक्टर-65 स्थित एक सोसाइटी में गोली चली है, जिसके बाद पुलिस जांच करते हुए अस्पताल पहुंची तो मृतक के साथ वहां दो अन्य आदमी भी मिले। प्रारंभिक जांच में पता चला कि, कारोबारी की लाइसेंसी पिस्टल से उसके सिर में गोली मारी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मृतक के मामा मेवात निवासी वीरेंद्र की तरफ से शिकायत देकर पांच लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि, उसके भांजे की दो साल पहले मिडकौला निवासी दिनेश और उसकी बहन से जान पहचान हुई थी। इसके कुछ दिन बाद दोनों भाई बहन मिलकर रेप का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर 30 हजार रुपए मंथली मांगने लगे। उसके मृतक भांजे ने डर के कारण कुछ दिनों तक आरोपियों को पैसे भी दिए। बाद में कारोबार में घाटा होने के बाद उसने पैसे देने बंद कर दिए। मृतक के मामा ने बताया कि, पांच दिन पहले उसके भांजे ने बताया था कि मिडकौला निवासी दिनेश और रतिपुर निवासी सुरेंद्र ने उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर छीन ली है। इसी गन से उसके भांजे की दिनेश, उसका साथी सुरेंद्र और भांजा गौतम ने गोली मार हत्या कर दी।
