फरीदाबाद को नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ने के लिए वर्षों पहले FNG की परिकल्पना की गई थी। नोएडा में तो इस रूट पर काफी हद तक काम किया जा चुका है, लेकिन फरीदाबाद में अभी बात डीपीआर तक ही पहुंच पायी है। आखिरकार फरीदाबाद में इस परियोजना के लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। नई डीपीआर बनाई गई है। इस डीपीआर में तीन अलांइमेंट यानी मार्ग तैयार किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग से मंजूरी मिलने के बाद फरीदाबाद में भी FNG पर काम शुरू हो जाएगा।
FNG को लेकर फरीदाबाद में डीपीआर तैयार
दीपावली के बाद विभाग की ओर से मुख्यालय को डीपीआर भेजी जाएगी। अगर इस डीपीआर को मंजूरी मिल जाती है और FNG बनकर तैयार होता है तो गाजियाबाद और नोएडा से फरीदाबाद व फरीदाबाद से नोएडा-गाजियाबाद आना-जाना आसान हो जाएगा। लोगों को घंटों जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन तीनों शहरों के बीच रोजगार व अन्य काम से आने-जाने वाले लोगों का काफी समय और फ्यूल भी बचेगा।
दिल्ली होकर आना-जाना पड़ता है
फरीदाबाद और नोएडा के बीच में यमुना नदी पड़ती है। इसके चलते वाहनों को काफी घूमकर जाना पड़ता है। फिलहाल फरीदाबाद से गाजियाबाद और नोएडा की ओर आने-जाने वाले वाहनों को दिल्ली में कालिंदीकुंज से होकर जाना पड़ता है। यहां आगरा नगर के साथ बनी रोड पर अक्सर यात्रियों को जाम से जूझना पड़ता है। कालिंदीकुंज और आसपास के इलाकों में भारी जाम के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
FNG को लेकर फरीदाबाद लोक निर्माण विभाग ने DPR बनाने के लिए नोएडा की MSV कंपनी को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया था। एजेंसी की तरफ से डीपीआर लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई है। इस डीपीआर में FNG के लिए तीन मार्ग सुझाए गए हैं।
1998 का प्लान
NCR प्लानिंग बोर्ड के क्षेत्रीय प्लान में FNG 1998 से है। फरीदाबाद नगर निगम के सुझाव पर 2011 के मास्टर प्लान में भी FNG को शामिल किया गया था, लेकिन सर्वे के बाद इस योजना को रद्द कर दिया गया। जबकि नोएडा में इस पर काफी हद तक काम हो चुका है। इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो, उसके लिए नोएडा और फरीदाबाद दोनों शहरों और यूपी व हरियाणा दोनों राज्यों की सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
फरीदाबाद में कहां बनेगा FNG
फरीदाबाद में FNG के तहत 9 किमी लंबी सड़क बनाई जानी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। नए रूट तैयार किए गए हैं। डीपीआर में रूट पर आने वाली खामियों का भी जिक्र है। FNG की शुरुआत ग्रेटर फरीदाबाद में सेक्टर-88 में मौजूद एक निजी अस्पताल के पास से होगी। यहां से सड़क सीधे खेड़ी कलां गांव होते हुए लालपुर में यमुना किनारे तक पहुंचेगी।
यमुना पर पुल
यमुना नदी पर 600 मीटर लंबा पुल बनाया जाना है। यह पुल फरीदाबाद की तरफ लालपुर से नोएडा में मंगरोली गांव के बीच बनेगा। 600 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण में आने वाले लगभग 150-200 करोड़ के बजट को दोनों राज्य 50-50 फीसद वहन करेंगे। इसके अलावा पुल से जोड़ने वाली अप्रोच रोड को दोनों शहरों के प्राधिकरण अपने-अपने खर्चे पर तैयार करेंगे।
