Surajkund Accident: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने रविवार को सूरजकुंड हादसे में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने सूरजकुंड मेला परिसर में हुए हादसे पर दुख जताया और कहा कि इस हादसे में पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद लोगों की जान बचाते समय शहीद हो गए।
सूरजकुंड मेला परिसर में हादसे के तत्काल बाद हरकत में आई सरकार
हादसे के तत्काल बाद एक्शन में आई सरकार
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही तत्काल अधिकारियों और पर्यटन मंत्री को मौके पर भेजा गया। इस हादसे में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद, जो पलवल में तैनात थे, शहीद हो गए। जब ढांचा गिरा तो वे अंदर जाकर लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे और उसी दौरान उनकी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी।
कब और कैसे हुआ हादसा?
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार की शाम अचानक उस वक्त हादसा हो गया जब लगभग 19 लोग 'सुनामी' झूले पर सवार थे, जो अचानक हवा में झुक गया और फिर टूटकर जमीन पर गिर पड़ा।
कौन थे जगदीश प्रसाद?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साल 1989 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए निरीक्षक जगदीश प्रसाद 36 वर्षों की सेवा पूरी कर मार्च में रिटायर होने वाले थे और उन्होंने झूले में फंसे लोगों को बचाने का साहसिक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
दो लोगों की हुई गिरफ्तारी
सूरजकुंड हादसे को लेकर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि पुलिस ने हादसे की जांच की एसआईटी गठित की है। पुलिस ने झूला संचालक और उसके कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ सूरजकुंड थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
