सोशल मीडिया पर शेयर बाजार और IPO में निवेश की ट्रेनिंग देने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले साइबर ठग गिरोह के एक और आरोपी को एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक कुमार सिंह के रूप में हुई है। उसके पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, दो राउटर और 15,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
ठग विवेक कुमार सिंह
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को शेयर बाजार और IPO में निवेश से भारी मुनाफे का लालच देता था। इसके लिए पहले फर्जी विज्ञापन चलाए जाते थे। इसके बाद लोगों को “VIP9-6 ACI Exclusive Guidance Group” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा जाता था। ग्रुप में शेयर बाजार और IPO की ट्रेनिंग देने के बहाने निवेशकों को फंसाया जाता था। ठग ग्रुप में मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करते थे, ताकि लोगों को भरोसा हो जाए कि निवेश करने पर उन्हें अच्छा खासा फायदा हो रहा है। इसके बाद निवेशकों को एक लिंक के जरिए ACI Century App डाउनलोड करने और उसमें अपना अकाउंट बनाने के लिए कहा जाता था।
पुलिस के मुताबिक अकाउंट बनने के बाद निवेशकों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाए जाते थे। ऐप के डैशबोर्ड पर इन पैसों और मुनाफे को फर्जी तरीके से बढ़ा हुआ दिखाया जाता था। इससे निवेशकों को लगता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। इसी भरोसे में कई लोगों ने लाखों-करोड़ों रुपये तक जमा कर दिए।
जांच में सामने आया है कि ठगी से मिली रकम को फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में भेजा जाता था। इसके बाद कई स्तरों पर रकम को ट्रांसफर कर उसे अमेरिकी डॉलर में बदला जाता था और दुबई में बैठे गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाया जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी विवेक कुमार सिंह इस मामले में वांटेड चल रहा था। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विवेक के खिलाफ लखनऊ साइबर क्राइम थाने समेत अलग-अलग मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें BNS की धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं और आईटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
एसटीएफ के मुताबिक, अब तक की जांच में इस गिरोह की देश के अलग-अलग राज्यों में बड़े स्तर पर साइबर ठगी सामने आई है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 3,087 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी को देहरादून के राजपुर थाने में दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। इसके बाद उसे लखनऊ साइबर क्राइम थाने के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लाया गया है। मामले की जांच जारी है।
