Yamunanagar News: जहरीली शराब से 18 मौतों के बाद भी सोता रहा आबकारी विभाग, गोलमोल जवाब से सवालों के घेरे में अधिकारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 16, 2023, 01:34 PM IST

हरियाणा के यमुनानगर में जहरीली शराब पीने से हुई 18 लोगों की मौत के मामले में जांच के लिए दो एसआइटी गठित की हैं। इस मामले में कई आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन आबकारी विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं होने से उस पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

यमुनानगर: जिले में जहरीली शराब से 18 मौतों के बाद प्रशासन पूरी तरह से हिल गया है। तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारियां की जा रही हैं। वहीं, बड़ी संख्या में हुई मौतों के बाद एक्साइज विभाग की तरफ से छापेमारी की जा रही है और कड़े एक्शन लिए जा रहे हैं, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इतने दिन से क्या एक्साइज विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ था?

poisonous liquor in Yamunanagar

यमुनानगर में जहरीली शराब से 18 मौतें

मौत का आंकड़ा बढ़कर 18

यमुनानगर में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा बढ़कर 18 पहुंच गया है, जो यमुनानगर के इतिहास में पहली बार दर्ज किया गया है। इस आंकड़े ने न सिर्फ पुलिस की नींद हराम की है बल्कि, एक्साइज विभाग भी बेचैन है। उसकी बेचैनी भी लाजमी है। अवैध रूप से बिकी शराब के बाद जो मोतें हुई हैं, उसने एक्साइज विभाग पर प्रश्न चिन्ह उठा दिए हैं। पहले यह की यमुनानगर में इतने बड़े स्तर पर जो अवैध शराब के अड्डे चल रहे थे, वह किसकी शह पर चल रहे थे। अगर, आबकारी विभाग को यह पता था तो उसी वक्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जब पुलिस और एक्साइज विभाग ज्वाइंट ऑपरेशन चलाते थे तो फिर यह खुद इतने बड़े स्तर पर कैसे पनप गए।

आबकारी अधिकारियों का रवैया संदेहात्मक

DETC सरोज देवी का कहना है कि हम पुलिस के साथ समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाते हैं, ताकि अवैध शराब बनाने के ठिकानों (खुर्दे) का पता चल सके। ऐसे में सवाल इस स्पेशल अभियान पर उठ रहे हैं। क्या यह अभियान सिर्फ खानापूर्ति के लिए चलाया गया था या फिर दिखावे के लिए। अगर, इस ज्वाइंट ऑपरेशन में इतने बड़े स्तर पर खुर्दों का पता नहीं चल पाया तो यह ज्वाइंट ऑपरेशन किस काम का। ऐसे में यमुनानगर आबकारी विभाग की अधिकारी सरोज देवी का बयान हजम नहीं हो रहा है। जहरीली शराब से मौत मामले में एक्साइज विभाग की कई नाकामयाबी सामने आई हैं, जिसे दूसरे सरकारी विभाग ढकने में लगे हैं।

शराब से लगातार हो रही मौतों से लोग डरे हुए हैं और गांव में दहशत का माहौल है। गांव के श्मशान घाट में एक चिता ठंडी नहीं होती कि दूसरे का अंतिम संस्कार करने लोग पहुंच जाते हैं।

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