Andhra Pradesh Earthquake Today: आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में शुक्रवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 3 बजकर 12 मिनट पर दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई।
आंध्र प्रदेश में शुक्रवार तड़के महसूस हुए भूकंप के झटके (सांकेतिक तस्वीर |Canva)
NCS के मुताबिक भूकंप का केंद्र 15.62°N अक्षांश और 79.55°E देशांतर, जमीन के 10 किलोमीटर गहराई पर स्थित था। झटके हल्के थे, इसलिए किसी तरह के नुकसान की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।
दक्षिण भारत में आते हैं कम भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण भारत की जमीन अपेक्षाकृत अधिक पुरानी और स्थिर मानी जाती है। यहां की टेक्टॉनिक प्लेटें कम सक्रिय रहती हैं, जिसके कारण तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल के अधिकांश क्षेत्र भूकंप जोन-II या जोन-III के अंतर्गत आते हैं। इन इलाकों में भूकंप के झटके उत्तर भारत की तुलना में काफी कम महसूस किए जाते हैं।
लेह-लद्दाख में कल हिली थी धरती
आंध्र प्रदेश के भूकंप से ठीक एक दिन पहले गुरुवार सुबह लेह-लद्दाख में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहां सुबह 5:51 बजे आए भूकंप की तीव्रता 4.0 थी। मध्यम श्रेणी के इस भूकंप के बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए, हालांकि किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली। विशेषज्ञों के अनुसार 4.0 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है, जिसमें सतह पर कंपन महसूस होता है लेकिन संरचनाओं को बड़ा नुकसान होने की संभावना कम रहती है।
क्यों आते हैं भूकंप
भूकंप धरती की सतह पर अचानक हुई दरार (फॉल्ट) के खिसकने से आता है। धरती की बड़ी प्लेटें जिन्हें टेक्टॉनिक प्लेट कहते हैं, हमेशा धीरे-धीरे हिलती रहती हैं लेकिन कभीकभार किनारों पर घर्षण (फ्रिक्शन) की वजह से वे अटक जाती हैं। जब दबाव ज्यादा बढ़ जाता है, तब प्लेटें अचानक खिसकती हैं। इसी खिसकने से ऊर्जा निकलती है, जो लहरों के रूप में धरती की परतों में फैलती है और हमें झटके महसूस होते हैं।
