DRI Nagpur Ganja Seized: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की नागपुर रीजनल यूनिट ने नेशनल हाईवे-53 पर स्थित माथनी टोल प्लाजा (Mathani Toll Plaza Drug Catch) पर एक बड़े ऑपरेशन के तहत एक 16 टन के ट्रक को रोककर 522 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 522 किलोग्राम से ज्यादा गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2.61 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
नेशनल हाईवे-53 पर डीआरआई का ऑपरेशन
टोल प्लाजा पर घेराबंदी
डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर इलाके से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ महाराष्ट्र लाया जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने नागपुर के पास मौदा में नेशनल हाईवे-53 पर स्थित माथनी टोल प्लाजा पर जाल बिछाया। टीम ने वहां पहुंचे टाटा मोटर्स के एक 16 टन के संदिग्ध ट्रक को रोका। जब ट्रक की बारीकी से तलाशी ली गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए।
तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए ट्रक के केबिन के भीतर कई सीक्रेट कम्पार्टमेंट (गुप्त केबिन) बना रखे थे। यह गांजा ड्राइवर की सीट के पीछे, ड्राइवर और पैसेंजर सीट के नीचे बने गुप्त खानों, ट्रक के निचले हिस्से में मौजूद एक लॉक टूलबॉक्स और केबिन की छत पर छिपाकर रखा गया था। इन जगहों से कुल 8 एचडीपीई (HDPE) बैग बरामद हुए, जिनमें गांजे के 247 पैकेट सलीके से पैक करके रखे गए थे।
दो गिरफ्तार
डीआरआई ने कार्रवाई करते हुए 2.61 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा और तस्करी में इस्तेमाल हो रहा 8.5 लाख रुपये का ट्रक जब्त कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह ओडिशा-सेंट्रल इंडिया-महाराष्ट्र रूट पर लंबे समय से सक्रिय था।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भी डीआरआई ने दो बड़े ऑपरेशनों में इसी सिंडिकेट से जुड़े 1,250 किलोग्राम से अधिक गांजे की खेप पकड़ी थी, जिसकी कीमत करीब 6.25 करोड़ रुपये थी। उस समय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 लोगों को दबोचा गया था, जिससे कड़ियां जोड़ते हुए इस नए रैकेट का पर्दाफाश किया गया है।
