Odisha Vigilance Raid: ओडिशा में विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित आईटीडीए के सहायक कार्यकारी अभियंता यानी असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठनाथ बेहरा के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार, 6 जून को विजिलेंस टीम ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि, टीम को बैकुंठनाथ बेहरा के खिलाफ जानकारी मिली थी कि उनकी संपत्ति उनके ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक है। इसी आधार पर विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), भुवनेश्वर द्वारा सर्च वारंट जारी किया गया, जिसके बाद उनके और उनके परिजनों से जुड़े कुल 9 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
ओडिशा में विजिलेंस का बड़ा एक्शन (फोटो- PTI)
विजिलेंस विभाग की कई टीमें शामिल रहीं
इस कार्रवाई में विजिलेंस विभाग की कई टीमें शामिल रहीं, जिनमें 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर और अन्य स्टाफ तैनात थे। छापेमारी भुवनेश्वर, बारिपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और कंधमाल जिले के बलिगुड़ा में की गई। जिन प्रमुख ठिकानों पर तलाशी हुई उनमें भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आलीशान आवास शामिल हैं। इसके अलावा जाजपुर के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, बारिपदा में रिश्तेदार का मकान, एक अन्य रिश्तेदार का घर, बलिगुड़ा स्थित कार्यालय कक्ष और सरकारी आवास की भी जांच की गई।
छापेमारी में बरामद हुए नोट
बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति सामने आई
विजिलेंस विभाग की प्रारंभिक जांच में बैकुंठनाथ बेहरा और उनके परिवार के नाम पर बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति सामने आई है। जांच में कुल पांच प्रमुख इमारतों का पता चला है। सबसे प्रमुख संपत्ति भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार क्षेत्र में स्थित लगभग 10,500 वर्गफुट में फैली चार मंजिला इमारत है। इसके अलावा सैलश्री विहार में एक तीन मंजिला भवन, कानन विहार में करीब 3,750 वर्गफुट का दो मंजिला मकान और चंद्रशेखरपुर में लगभग 2,500 वर्गफुट का एक और दो मंजिला आवास मिला है। जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक जमीन पर भी दो मंजिला भवन होने की पुष्टि हुई है। इनमें से चार संपत्तियां भुवनेश्वर के प्रमुख और महंगे इलाकों में स्थित बताई जा रही हैं।
13 भूखंडों का भी चला पता
इसके साथ ही तलाशी के दौरान कुल 13 मूल्यवान भूखंडों का भी पता चला है। इनमें 7 प्लॉट भुवनेश्वर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में, 5 प्लॉट जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र में और 1 प्लॉट बारिपदा में स्थित बताया गया है। भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, गोविंदप्रसाद, बोमिकहाल, घाटिकिया और जतनी जैसे इलाकों में जमीन होने की जानकारी भी सामने आई है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 2 लाख 66 हजार 400 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। साथ ही सोने के गहनों का वजन और मूल्यांकन जारी है। विजिलेंस टीम बैंक खातों, डाकघर की बचत योजनाओं और अन्य वित्तीय निवेशों की भी गहन जांच कर रही है।
2 करोड़ रुपये नकद हुए बरामद
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक लॉकरों की जांच के दौरान सामने आया है। जांच में पता चला कि बैकुंठनाथ बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में दो लॉकर मौजूद हैं। इन लॉकरों को खोले जाने पर लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। अधिकारियों द्वारा इन नोटों की गिनती बैंक की मशीनों की मदद से की जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
जल्द होगी आगे की कार्रवाई
विजिलेंस की तकनीकी टीम सभी भवनों और जमीनों का विस्तृत माप और बाजार मूल्यांकन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही संपत्तियों की वास्तविक कीमत स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल छापेमारी और जांच प्रक्रिया जारी है। सभी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों, डाकघर निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और संपत्तियों का मूल्यांकन समाप्त होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई हाल के वर्षों में ओडिशा विजिलेंस की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
बैकुंठनाथ बेहरा
कौन हैं बैकुंठनाथ बेहरा?
बैकुंठनाथ बेहरा का जन्म 13 जून 1974 को हुआ था। उन्होंने 16 अगस्त 1999 को सरकारी सेवा में जूनियर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। उस समय उनका प्रारंभिक वेतन लगभग 6,000 रुपये प्रतिमाह था। उनकी पहली पोस्टिंग नबरंगपुर ब्लॉक में हुई थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर आईटीडीए उदला में किया गया। उन्होंने कुसुमगुड़ा ब्लॉक, डाबुगांव ब्लॉक और आईटीडीए नबरंगपुर में भी विभिन्न पदों पर कार्य किया। 31 अक्टूबर 2016 को उन्हें सहायक अभियंता के पद पर प्रमोशन मिला। इसके बाद फरवरी 2026 में उन्हें सहायक कार्यकारी अभियंता के रूप में पदोन्नत किया गया और बलिगुड़ा आईटीडीए में तैनाती दी गई, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं।
