मुंबई : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में आदित्य ठाकरे घिरते जा रहे हैं। शुक्रवार को दिशा के पिता सतीश सालियन ने CBI को पत्र लिखकर मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े, शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों की तुरंत गिरफ्तारी और कस्टडी में पूछताछ की मांग की है। उन्होंने FIR में संबंधित धाराएं जोड़ने और कथित रेप, हत्या, सबूत मिटाने और मामले को दबाने से जुड़े चश्मदीदों व अन्य अहम गवाहों के बयान दर्ज करने की भी मांग की है।
दिशा सालियान केस में आदित्य ठाकरे को गिरफ्तार की डिमांड
मनसे ने क्या कहा
उधर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने शुक्रवार को अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि वह दिशा सालियन की मौत के मामले में कभी शामिल नहीं हो सकते।मनसे नेता का यह बयान आदित्य के उस दावे के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सालियन को न तो जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। आदित्य ने साथ ही आरोप लगाया था कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ने संवाददाताओं से कहा कि मुझे नहीं पता कि इसे कैसे देखा जाए, लेकिन एक भाई के तौर पर मैं आपको बता सकता हूं कि आदित्य कभी भी ऐसी किसी चीज में संलिप्त नहीं हो सकते। सीबीआई ने दिशा सालियन की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। उनके पिता की याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए इसमें किसी भी आरोपी का नाम शामिल नहीं किया गया है।
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 28 वर्षीय पूर्व मैनेजर सालियन की आठ जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने सालियान के मामले में दुर्घटनावश मौत की प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला था।
सालियान की मौत के एक हफ्ते बाद, 14 जून 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए, जिससे दोनों मौतों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। मुंबई उच्च न्यायालय ने दो सितंबर को सालियन की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया। अदालत ने मुंबई पुलिस को छह साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने के लिए फटकार लगाई और कहा कि उनकी जांच से जवाबों के बजाय और सवाल खड़े होते हैं।
