मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक पुलिस अधिकारी की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे थाना प्रभारी (SHO) दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने राहुल जायसवाल नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान राहुल ने कांग्रेस से जुड़े होने और एक शराब दुकान में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की बात कही है। पुलिस ने इस मामले में राहुल जायसवाल के अलावा दो अन्य लोगों केरम सिंह चांगोड़ और विजय राव को भी हिरासत में लिया है। पुलिस को शक है कि इन लोगों का अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क से संबंध है।
देवास SP आदित्य मिश्रा (X/@ANI)
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कैसे हुई SHO दिलीप पुरी की मौत?
यह घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। खतेगांव थाने के प्रभारी दिलीप पुरी को इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां सड़क किनारे एक ढाबे के पास ट्रक खड़ा था। SHO दिलीप पुरी ने ट्रक चालक से पूछताछ करने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने पुलिस से बचने के लिए ट्रक को सड़क के डिवाइडर के ऊपर से निकालने की कोशिश की। इस दौरान ट्रक का पिछला पहिया दिलीप पुरी के ऊपर चढ़ गया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई।
पुलिस के सामने राहुल ने क्या बताया?
इस मामले की जांच विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन के नेतृत्व में बनाई गई टीम कर रही है। जांच टीम के एक अधिकारी ने मीडिया को राहुल जायसवाल का एक वीडियो दिखाया। इसमें वह पुलिस पूछताछ के दौरान खुद को कांग्रेस से जुड़ा बता रहा है। राहुल के मुताबिक, वह फिलहाल खतेगांव विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रभारी है। इससे पहले वह 2018 से 2024-25 तक जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुका है। उसने यह भी बताया कि वह एक शराब दुकान भी चलाता है और उसमें उसकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
गुजरात तक फैला था अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राहुल जायसवाल हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात तक अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। आरोप है कि केरम सिंह चांगोड़ ने तस्करी के लिए ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को ट्रक उपलब्ध कराया था। वहीं, विजय राव ने कथित तौर पर पूछताछ में राहुल के लिए शराब तस्करी के नेटवर्क में काम करने की बात स्वीकार की है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की भूमिका और अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।
कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने
SHO की मौत के बाद कांग्रेस (Congress) ने मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने आरोप लगाया था कि राज्य में माफिया का राज चल रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। इसके जवाब में बीजेपी ने राहुल जायसवाल के कांग्रेस से जुड़े होने का मुद्दा उठाया। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने दावा किया कि राहुल और उसका भाई मनीष जायसवाल इस मामले से जुड़ी शराब दुकान में साझेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी माने जाते हैं। फिलहाल कांग्रेस नेताओं की ओर से राहुल के कथित बयान और इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
