DUSU Elections: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर हंगामा और अदालत के आदेशों के उल्लंघन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही कोर्ट ने चुनाव रद्द करने की चेतावनी भी दी।
दिल्ली हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर हम इस बात से संतुष्ट नहीं हुए कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी, तो चुनाव पूरी तरह से रद्द कर सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, ''बहुत हो गया। हम इस तरह के आपराधिक व्यवहार, आपराधिक आचरण, लापरवाही और गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं कर सकते।'' पीठ ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं हर साल सामने आती हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हम चुनाव रद्द कर देंगे और जब हम इस बात से संतुष्ट हो जाएंगे कि ऐसी गुंडागर्दी नहीं होगी, तभी चुनाव की अनुमति देंगे।
कोर्ट ने अधिकारियों से पूछे सवाल
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश अधिवक्ता मोहिंदर रूपल ने बताया कि चुनावी कैंपेन बुधवार को थम गया। इस पर पीठ ने कथिच उल्लंघनों से जुड़ी तस्वीरों का हवाला देते हुए अधिकारियों से सवाल किए। कोर्ट ने कहा, ''क्या आपने तस्वीरें देखी हैं? यह आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।''
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सनद रहे कि डूसू चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 19 सितंबर को होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, वोटों की गिनती नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में की जाएगी। मतगणना केंद्र में एंट्री गेट नंबर-2 से मिलेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि सभी कॉलेजों, विभागों और संस्थानों को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) मतगणना केंद्र तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
