Delhi Fire: हादसों का शहर बनी दिल्ली, कभी इमारत गिरी तो कभी आग से झुलसी जिंदगी

लोगों का कहना है कि होटल में यदि फायरसेफ्टी नियमों का पालन हुआ होता तो शायद यह हादसा नहीं हुआ होता। हाल के दिनों और बीते सालों में दिल्ली में लगातार हादसे हुए हैं और इन हादसों में अक्सर व्यवस्था की खामी सामने आई है। दिल्ली में कभी आग लग जाती है तो कभी इमारतें धाराशायी हो जाती है।

Malviya Nagar fire : दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार को एक होटल में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि आठ लोगों की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। बड़ी संख्या में लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इमारत में आग इतनी तेजी से फैली की लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से कूद गए। बताया जा रहा है कि मृतकों में ज्यादातर विदेशी हैं जो इलाज के लिए यहां आए थे। लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय लोगों ने काफी मदद की। बताया जा रहा है कि होटल तक पहुंचने के लिए एक ही सकरा रास्ता था और इसमें आपातकालीन निकास द्वार भी नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे से निपटने के उपाय होटल में नहीं थे। यहां फायरसेफ्टी नियमों का उल्लंघन हुआ है। आग लगने की यह घटना सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर हुई।

Malviya Nagar Fire

मालवीय नगर में आग की भीषण घटना।

हर बार सामने आती है व्यवस्था की खामी

लोगों का कहना है कि होटल में यदि फायरसेफ्टी नियमों का पालन हुआ होता तो शायद यह हादसा नहीं हुआ होता। हाल के दिनों और बीते सालों में दिल्ली में लगातार हादसे हुए हैं और इन हादसों में अक्सर व्यवस्था की खामी सामने आई है। दिल्ली में कभी आग लग जाती है तो कभी इमारतें धाराशायी हो जाती है। इन घटनाओं में लोगों की जान गई है और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। हर हादसे के बाद सरकार नियमों को सख्ती से पालन कराने और जिम्मेदारी तय करने की बात कहती है लेकिन हर बार हादसों के बाद उसकी लापरवाही की पोल खुल जाती है। कॉमर्शियल इमारतों पर बनाए गए नियमों की अनदेखी खुले तौर पर होती है और जब हादसा हो जाता है तो सरकार और विभाग नींद से जागते हैं। यहां हम दिल्ली में हुए हादसों के बारे में बताएंगे जिनमें लोगों को अपनी जान-माल से हाथ धोना पड़ा है।

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