Delhi News: सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सीनियर सिटिजन सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत का मामला सामने आया है। पवन की मां दुर्गा शर्मा की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान पवन के साथ मारपीट की गई और उन्हें धक्का दिया गया, जिससे वह मेट्रो के फर्श पर गिर गए और उनके सिर में चोट आई। उन्हें LNJP अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
8 अक्टूबर की शाम सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के अंदर हुई वारदात (प्रतीकात्मक फोटो)
रिश्वतखोरी के मामले में सामने आ चुका है संजय प्रताप सिंह का नाम
इस मामले में आरोपी संजय प्रताप सिंह का नाम पहले भी रिश्वतखोरी के एक मामले में सामने आ चुका है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिसंबर 2015 में सीबीआई ने दिल्ली सरकार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव संजय प्रताप सिंह को कथित तौर पर 2.2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय सीबीआई की तलाशी में उनके लॉकर से 31 सोने की छड़ें बरामद होने की खबर भी आई थी। वहीं, दूसरे आरोपी सिद्धार्थ सिंह को सुप्रीम कोर्ट का वकील बताया जा रहा है। हालांकि, पवन शर्मा की मौत से जुड़े मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
8 अक्टूबर की शाम सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के अंदर हुई वारदात
FIR के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर की शाम सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के अंदर हुई। पवन अपनी मां के साथ घर लौट रहे थे। आरोप है कि सीट को लेकर कहासुनी के बाद दोनों व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की। मेट्रो स्टाफ ने पवन को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(3)(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार कर रहे हैं। पुलिस जांच में अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद किस तरह बढ़ा, मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी और पवन की मौत की वजह क्या रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य इस मामले में अहम होंगे।
