Nimotuzumab Injections Theft: पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान से कैंसर के इलाज में आवश्यक इंजेक्शन वाले चार डिब्बे गायब हो गए, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विशेषज्ञों के अनुसार, गायब हुई दवाओं की अनुमानित खुदरा कीमत नौ लाख रुपये से 10.8 लाख रुपये के बीच है।
सिर और गर्दन के कैंसर के पीड़ितों के लिए बुरी खबर! दिल्ली के अस्पताल से गायब हुए लाखों रुपये के जरूरी इंजेक्शन
संस्थान में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज त्यागी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि दूसरी मंजिल पर स्थित कीमोथेरेपी डे केयर विभाग में एक निर्दिष्ट फ्रिज से निमोटुज़ुमैब 200 मिलीग्राम इंजेक्शन के चार डिब्बे गायब पाए गए, जिनमें से प्रत्येक डिब्बे में 50 मिलीग्राम की चार शीशियां थीं।
निमोटुज़ुमैब क्या है?
निमोटुज़ुमैब एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जिसका उपयोग कैंसर के लक्षित उपचार में किया जाता है। इसका उपयोग सिर और गर्दन के कैंसर तथा ग्लियोमा सहित कुछ कैंसर के इलाज में किया जाता है। शिकायत के अनुसार, कीमोथेरेपी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तीन अक्टूबर को शाम 5.30 बजे से छह बजे के बीच इंजेक्शन फ्रिज में रखे गए थे।
शिकायत में कहा गया है कि जब उपयोग के लिए दवाएं जारी करने के वास्ते पांच अक्टूबर को फ्रिज खोला गया, तो चारों डिब्बे गायब मिले।
शिकायत के अनुसार, संस्थान ने दवा की कथित कमी की आंतरिक जांच करने और संबंधित स्टॉक तथा दवा रिकॉर्ड की तफ्तीश के लिए एक समिति का गठन किया।
इस मामले पर अस्पताल से तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
इसके बाद सत्यापन और जांच के लिए मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। जीटीबी एन्क्लेव थाने में 12 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कहा कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि अस्पताल ने अतीत में भी ऐसी ही घटनाओं की सूचना दी थी।
