'नेचुरल वॉशआउट' का असर भी बेअसर! बारिश के बावजूद क्यों लौट रहे जहरीले कण; क्या है पॉल्यूशन का सॉल्यूशन?

वर्ष 2003 से 2024 के बीच बारिश की 612 घटनाओं का विश्लेषण करने वाले इस अध्ययन में पाया गया कि 310 मामलों में बारिश के पांच दिन के भीतर प्रदूषण फैलाने वाले कण का स्तर फिर से बारिश से पहले के स्तर पर पहुंच गया। यह कुल मामलों का 50 प्रतिशत से अधिक है।

Delhi Pollution : सर्दियों के दस्तक देने के साथ एनसीआर में प्रदूषण का चरम दौर भी शुरू हो गया है, लेकिन मौसम और हवा की गुणवत्ता के मामले में इस महीने कई रिकॉर्ड बने हैं। दिल्ली में पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय में सबसे साफ़ हवा वाला अक्टूबर, चार साल में सबसे ज़्यादा बारिश वाला अक्टूबर और 2011 के बाद से सबसे ठंडा अक्टूबर दिन दर्ज किया गया है। लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक, बारिश से दिल्ली की हवा थोड़ी बेहतर हो जाती है लेकिन प्रदूषण फैलाने वाले कण पांच दिन के भीतर ही वापस आ जाते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि एनसीआर में प्रदूषण उत्सर्जन को लगातार कम करने के उपायों की आवश्यकता है। पिछले 22 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित एक अध्ययन से यह बात सामने आई है।

Delhi NCR Pollution

दिल्ली में पॉल्यूशन (फोटो-Istock)

वर्ष 2003 से 2024 के बीच बारिश की 612 घटनाओं का विश्लेषण करने वाले इस अध्ययन में पाया गया कि 310 मामलों में बारिश के पांच दिन के भीतर प्रदूषण फैलाने वाले कण का स्तर फिर से बारिश से पहले के स्तर पर पहुंच गया। यह कुल मामलों का 50 प्रतिशत से अधिक है।

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