Delhi Fake Call Centre Bust: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस (Delhi Police) ने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में किराए के एक फ्लैट पर छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले छह जालसाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को नामी बैंकों के अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी (25), ध्रुव (21), अनीश गुप्ता (20), सिमरन (24), इशिका (25) और बॉबी श्रेष्ठ (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब उत्तर पूर्वी दिल्ली के करावल नगर के रहने वाले एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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पीड़ित ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने बैंक प्रतिनिधि बनकर उसे फोन किया और क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा बढ़ाने का लुभावना ऑफर दिया। आरोपियों ने अपनी मीठी बातों से पहले उसका भरोसा जीता और फिर उसके क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके तुरंत बाद पीड़ित के खाते से करीब 1.31 लाख रुपये उड़ा दिए गए।
शॉपिंग के शौक ने पहुंचाया जेल के पीछे
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राहुल अलवल के निर्देश पर साइबर थाने की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जब चोरी किए गए पैसों के लेन-देन (ट्रांजैक्शन) का तकनीकी विश्लेषण किया, तो एक सुराग हाथ लगा। ठगों ने चुराए गए पैसों के एक हिस्से से ऑनलाइन मोबाइल फोन और दो पावर बैंक खरीदे थे। इसी डिजिटल फुटप्रिंट का पीछा करते हुए पुलिस टीम सबसे पहले अनीश गुप्ता तक पहुंची, जिसने पीड़ित से संपर्क किया था।
ऐसे काम करता था यह सिंडिकेट
कड़ी पूछताछ के दौरान अनीश ने कबूल किया कि वह ख्याला में किराए के फ्लैट से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर में काम करता है। उसकी निशानदेही पर जब पुलिस ने उस परिसर पर छापा मारा, तो बाकी के पांच आरोपी भी धरे गए। जांच में पता चला कि नितिन सोलंकी और सिमरन इस फर्जी कॉल सेंटर के मुख्य मास्टरमाइंड थे, जो पूरा सेटअप संभालते थे।
वहीं, इशिका और ध्रुव 'कॉलर' के रूप में काम करते थे, जिनका काम ग्राहकों को फंसाकर उनके कार्ड की डिटेल निकालना था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी ध्रुव और बॉबी श्रेष्ठ का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी साइबर अपराध के मामलों में शामिल पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
