Delhi Parks Safety Audit: राजधानी दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वीभत्स घटना के बाद पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली प्रशासन हरकत में आ गया है। महिलाओं और स्थानीय निवासियों की बढ़ती चिंताओं के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने शहर के सभी पार्कों की सुरक्षा, रोशनी और रखरखाव की व्यापक जांच के लिए एक सप्ताह के भीतर 'सेफ्टी ऑडिट' पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कालकाजी घटना के बाद एक्शन में प्रशासन, दिल्ली के सभी पार्कों का 1 हफ्ते में होगा सेफ्टी ऑडिट, LG ने दिए कड़ी सुरक्षा के निर्देश
यह फैसला उपराज्यपाल द्वारा दिल्ली पुलिस कमिश्नर, एमसीडी (MCD) कमिश्नर और डीडीए (DDA) के उपाध्यक्ष (Vice Chairman) के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया।
क्या शामिल होगा 1-वीक 'सेफ्टी ऑडिट' में?
उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुसार, अगले एक हफ्ते में दिल्ली पुलिस, DDA और MCD की संयुक्त टीमें पार्कों की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगी। ऑडिट में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
पर्याप्त रोशनी: पार्कों के अंदर और आसपास खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक करना और अंधेरे वाले सुनसान कोनों में हाई-मास्ट लाइटें लगाना।
सुरक्षा व्यवस्था: पार्कों में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच।
पुलिस गश्त: शाम और रात के समय पार्कों के आसपास पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित करना।
साफ-सफाई और झाड़ियों की छंटाई: घनी और अनियंत्रित झाड़ियों की छंटाई करना ताकि असामाजिक तत्वों को छिपने की जगह न मिले।
पिंक पुलिस और बीट पेट्रोलिंग में बढ़ोतरी
कालकाजी की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवालों के जवाब में दिल्ली पुलिस को गश्त बढ़ाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं:
बीट पेट्रोलिंग: पार्कों के मुख्य प्रवेश द्वारों और आसपास की सड़कों पर बीट पुलिसकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगी।
पिंक पुलिस: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील और बड़े पार्कों के आसपास विशेष 'पिंक पुलिस' (महिला पुलिस दस्ते) की तैनाती की जाएगी।
DDA और MCD करेंगे RWA व शिक्षण संस्थानों से साझेदारी
पार्कों के दीर्घकालिक रखरखाव और निगरानी को पुख्ता करने के लिए DDA और MCD को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (RWA), निजी संस्थाओं, नागरिक समूहों और पास के शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाशें।
प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से ही पार्कों को सुरक्षित, साफ-सुथरा और सभी के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।
दिल्ली के एलजी ने एमसीडी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और डीडीए के उपाध्यक्ष के साथ बैठक कर शहर के सभी पार्कों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
* डीडीए के उपाध्यक्ष और एमसीडी कमिश्नर अपने-अपने क्षेत्र के सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराएंगे।
* सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी।
* ऑडिट में पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जांच की जाएगी।
* पार्क के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी सुनिश्चित करने को देखा जाएगा।
* सूरज ढलने के बाद खास तौर पर पार्क के अंदर सुरक्षा गार्डों की गश्त की व्यवस्था की जांच होगी।
* पार्कों में साफ-सफाई और स्वच्छता की स्थिति भी ऑडिट में शामिल होगी।
* पार्कों के रखरखाव और बेहतर देखभाल के लिए उन्हें आरडब्ल्यूए और निजी संस्थाओं को सौंपने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
* पार्कों के आसपास मौजूद स्कूलों और कॉलेजों जैसे शिक्षण संस्थानों से बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं।
* इन संस्थानों से पार्कों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा और उन्हें पार्कों के रखरखाव और देखभाल में शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
* बीट कांस्टेबल और संबंधित क्षेत्र के पुलिस प्रभारी नियमित रूप से पार्कों का दौरा करेंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।
