दीयों की रोशनी से सजी यमुना, वासुदेव घाट पर शुरू हुआ यमुनोत्सव 2025; जलाभिषेक से आरंभ हुआ पहला दिन

दिल्ली के वासुदेव घाट पर दीपों की जगमगाहट के साथ दो दिवसीय “यमुनोत्सव 2025” का शुभारंभ हुआ। यह उत्सव यमुना नदी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्ता को समर्पित है। कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली और यमुना के गहरे संबंध को पुनर्जीवित करते हुए नदी के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

Yamunotsav 2025: दिल्ली के वासुदेव घाट पर भक्तों ने दीप जलाकर दो दिवसीय “यमुनोत्सव 2025” का शुभारंभ किया। इस आयोजन का पहला दिन यमुना नदी के आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है, जिसकी शुरुआत यमुनोत्री से लाए गए पवित्र जल से ‘जलाभिषेक’ के साथ हुई। इसके बाद शाम को यमुना कथा और आरती का आयोजन किया गया।

दीयों की रोशनी से सजी यमुना, वासुदेव घाट पर शुरू हुआ यमुनोत्सव 2025; जलाभिषेक से आरंभ हुआ पहला दिन

दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव की जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को बताया था कि यह कार्यक्रम 2 और 3 नवंबर को वासुदेव घाट पर आयोजित किया जाएगा। कपिल मिश्रा ने कहा कि यह उत्सव दिल्ली और यमुना के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध को मजबूत करेगा। यमुना की निरंतरता और स्वच्छता, दिल्ली की पहचान का अहम हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि, हमारा लक्ष्य है कि यह नदी शुद्ध और जीवंत बनी रहे। हाल ही में छठ पूजा के दौरान, पांच साल बाद भक्तों ने यमुना किनारे पूजा-अर्चना की। ‘यमुनोत्सव’ इसी जुड़ाव को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।

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