दिल्ली में दिवाली पर झुलसने वाले लोगों की संख्या बढ़ी; एम्स, जीटीबी और डीडीयू अस्पतालों में बर्न के 250 से ज्यादा केस दर्ज

दिल्ली में दिवाली के अवसर पर अस्पतालों में झुलसने के 250 से अधिक मामले दर्ज किए गए। अधिकांश घायल पटाखे जलाने या दीयों के कारण प्रभावित हुए। सफदरजंग अस्पताल और अन्य प्रमुख अस्पतालों में बच्चों और वयस्कों सहित कई गंभीर और मामूली झुलसने के मामले सामने आए।

Delhi Diwali Burn Cases: दिल्ली में दिवाली के दौरान अस्पतालों में झुलसने के 250 से अधिक मामले दर्ज किए गए। ज्यादातर घायल पटाखे जलाने के दौरान घायल हुए। सबसे अधिक 129 मामले सफदरजंग अस्पताल में आए, जो देश की सबसे बड़ी बर्न यूनिट के लिए जाना जाता है। इसके बाद एम्स में 55, गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में 37, दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में 16 और लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में 15 झुलसने के मामले सामने आए। बर्न, प्लास्टिक और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. सुजाता साराभाई ने बताया कि केंद्र संचालित सफदरजंग अस्पताल में 19 और 20 अक्टूबर को कुल 129 झुलसे मरीज आए। इनमें से 111 मरीज हल्के रूप से झुलसे और उनका इलाज बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में किया गया, जबकि 18 गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को भर्ती करना पड़ा।

Diwali 2025 Over 250 Burn Cases Reported in Delhi Hospitals (Symbolic Photo: Canva)

दिवाली 2025: दिल्ली के अस्पतालों में 250 से ज्यादा जलने के मामले सामने आए (सांकेतिक फोटो: Canva)

सफदरजंग अस्पताल में 118 मरीज पटाखों से थे झुलसे

डॉ. साराभाई ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल में आए 129 मामलों में से 118 मरीज पटाखों से झुलसे थे, जबकि 11 मरीज दीयों के कारण घायल हुए। इनमें 24 मरीज 12 साल से कम उम्र के थे। केंद्र संचालित एम्स के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग में 48 घंटे में 55 झुलसने के मामले दर्ज किए गए, जिनमें 10 गंभीर मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया। विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि 23 मरीजों को सर्जरी करनी पड़ी। 55 में से 42 मरीज पटाखों से, तीन दीयों से और नौ मरीज रासायनिक जलन (पोटाश) के कारण झुलसे।

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