Delhi News: देश के लोगों को बड़ी सौगात, एम्स में बनेगा 300 बेडों का नया इमरजेंसी ब्लॉक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 15, 2023, 04:49 PM IST

Delhi News: दिल्‍ली एम्‍स को विश्वस्तरीय चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने का मास्‍टर प्‍लान तैयार हो चुका है। इस संस्‍थान में चिकित्सा सुविधाएं कई गुना बढ़ने वाली हैं। यहां पर सबसे बड़ी समस्‍या इमरजेंसी में बेड की कमी है। इसे दूर करने के लिए यहां पर 300 बेड का इमरजेंसी ब्लाक भी बनाया जाएगा। जिसके बाद बेडों की क्षमता लगभग ढाई गुना बढ़ जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • इमरजेंसी में अभी हैं सिर्फ 120 बेड, रोजाना आते हैं करीब 300 मरीज
  • टेंडर प्रक्रिया जल्‍द, इसी साल शुरू किया जाएगा निर्माण कार्य
  • एम्‍स के सभी वार्ड में बढ़ेगी करीब 3000 हजार बेड क्षमता


Delhi News: दिल्‍ली एम्‍स को विश्वस्तरीय चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने के लिए मास्‍टर प्‍लान तैयार हो चुका है। इस संस्‍थान का स्‍वरूप पूरी तरह से बदलने वाला है। भवन विकास के साथ यहां पर इलाज की चिकित्सा सुविधाएं भी दोगुनी हो जाएंगी। सबसे बड़ी बात यह कि इस परियोजना के तहत यहां पर 300 बेड का इमरजेंसी ब्लाक भी बनाया जाएगा। इस ब्‍लॉक के बनने के बाद एम्स की इमरजेंसी विभाग में बेडों की क्षमता लगभग ढाई गुना बढ़ जाएगी। इससे एम्‍स की इमरजेंसी में पहुंचने वाले देश भर के गंभीर मरीजों को इलाज में फायदा मिलेगा।

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एम्‍स में बढ़ेगी बेड क्षमता

बता दें कि एम्‍स में देश भर से मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। यहां पर अभी सबसे बड़ी समस्‍या इमरजेंसी में बेड की कमी की है। यहां की इमरजेंसी में अभी रोजाना 300 से 350 मरीज देखे जाते हैं, जबकि इमरजेंसी बेडों की संख्‍या सिर्फ 120 ही है। एम्‍स प्रशासन के अनुसार, इस साल 1 से 13 जनवरी के बीच यहां की इमरजेंसी में करीब चार हजार मरीज देखे जा चुके हैं। यहां की इमरजेंसी में आने वाले ज्यादातर मरीज दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर आते हैं। ऐसे मरीजों को जल्द इलाज की जरूरत होती है, लेकिन अस्पताल में बेड संख्‍या कम होने के कारण मरीजों को घंटो इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ता है।

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