Delhi News: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराई गई 28.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च नहीं की। यह विवरण एक आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एमसीडी ने वित्त वर्ष 2023-24 की शुरुआत पिछले वर्ष के आवंटन से बचे 26.6 करोड़ रुपये के साथ की थी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजे गए उपयोग प्रमाणपत्रों और आरटीआई में दिए गए उत्तरों से पता चलता है कि इस अवधि में दिल्ली को एनसीएपी के तहत अतिरिक्त 8.93 करोड़ रुपये का अनुदान भी मिला, जिसके बाद कुल उपलब्ध धनराशि बढ़कर 35.3 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। इसके बावजूद, दस्तावेज बताते हैं कि 2023-24 के दौरान केवल 5.19 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके, जिसके चलते मार्च 2024 तक 30.11 करोड़ रुपये अप्रयुक्त रह गए।
दिल्ली वायु प्रदूषण (फाइल फोटो)
वित्त वर्ष 2024-25 में दिल्ली ने पिछली बची हुई राशि से काम की शुरुआत की और इस दौरान लगभग 75 लाख रुपये का ब्याज भी मिला, जिसके साथ कुल उपलब्ध धनराशि बढ़कर 30.8 करोड़ रुपये हो गई। आरटीआई के जवाब में मिली जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 तक केवल 1.34 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए, जिसके परिणामस्वरूप करीब 29.5 करोड़ रुपये अभी भी अप्रयुक्त रह गए। एनसीएपी के अंतर्गत मशीनीकृत सड़क सफाई, पानी का छिड़काव कर धूल कम करने, वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित करने, हरित बफर विकसित करने और कचरा प्रबंधन को मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए जाने थे। लेकिन आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज बताते हैं कि इन पहलों का जमीनी क्रियान्वयन “पर्याप्त रूप से प्रभावी” नहीं रहा, और कार्यक्रम की निधियों का बेहतर और बढ़ा हुआ उपयोग जरूरी है।
राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर
आरटीआई के जवाब में यह भी सामने आया कि पीआरएएनए पोर्टल पर शहर-स्तरीय प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने में देरी हो रही है, जबकि यही पोर्टल देशभर में एनसीएपी कार्यों की निगरानी करता है। दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली ने अब तक प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के तहत विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) ढांचे में पंजीकरण नहीं कराया है, और आवश्यक होने के बावजूद ई-कचरा संग्रह केंद्रों को भी पोर्टल पर अधिसूचित नहीं किया गया है। इसके अलावा, प्रमुख वाहन प्रदूषण नियंत्रण उपाय जैसे ऑटोमैटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर और वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। यह आरटीआई पर्यावरण कार्यकर्ता अमित गुप्ता (नोएडा) द्वारा दायर की गई थी। इसी बीच, राष्ट्रीय राजधानी लगातार गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में रही है। मंगलवार को दिल्ली का एअर क्वॉलिटी इंडेक्स 400 के पार जाकर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया था। बृहस्पतिवार तक स्थिति वही रही, हालांकि शुक्रवार को हल्के सुधार के साथ एक्यूआई ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आ गया।
(इनपुट - भाषा)
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