Majnu Ka Tila: दिल्ली के मजनू के टीले का इतिहास काफी दिलचस्प है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के पास स्थित है। वीकेंड पर घूमने के लिए यह जगह बेहद खास है। यहां आकर आप इसके रोचक इतिहास से रूबरू हो सकते हैं। साथ ही यहां आपको एक से बढ़कर एक कई तरह के स्वादिष्ट डिशेज भी खाने को मिलेंगी। अपनी खासियत की वजह से यह जगह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी काफी पॉपुलर है। अगर आप तिब्बती खाने के शौकीन हैं तो यहां आपको एक से बढ़कर एक तिब्बती व्यंजन के भी ऑप्शन मिलेंगे। यहां कई ऐसे रेस्टोरेंट हैं, जहां तिब्बती खाने वालों की लाइन लगती है।
दिल्ली, मजनू का टीला
वीकेंड पर यहां लोग अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ यहां खाने का लुफ्त उठाते नजर आते हैं। अगर आप भी दिल्ली एनसीआर में हैं और खाने और घूमने के लिए किसी बेहतर जगह की तलाश में हैं तो यकीनन ये जगह आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। यहां युवाओं की भी भीड़ लगी रहती है।
15वीं सदी से भी है पुराना
ऐसा माना जाता है कि इस जगह का इतिहास 15वीं सदी से भी ज्यादा पुराना है। यहां के इतिहास का संबंध सिकंदर लोदी के शासन काल और सिख गुरु से जुड़ा हुआ है। लोगों का ऐसा मानना भी है कि प्रेमी जोड़े लैला और मजनू का संबंध भी इस जगह से है। हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं है।
नाम से जुड़ी बातें
मजनू के टीले के नाम के लिए कहा जाता है कि इसका नाम सूफी से मिला है। ये भी कहा जाता है कि गुरु नानक और सिरंदर लोदी के शासन काल में यहां आए थे, जहां वह ईरान से आए एक सूफी संत से मिले थे, जो यहीं टीले पर रहता था। फकीर होने के कारण टीले को लोग मजनू कहकर बुलाने लगे।
इस वजह से है मशहूर
इस जगह को छोटा तिब्बत भी कहा जाता है। यहां ज्यादातर तिब्बती लोग रहते हैं। यहां पर मिलने वाले तिब्बती खाने की वजह से यह काफी मशहूर है। वीकेंट पर घूमने के लिए यह एक बेस्ट जगह है। इसके साथ ही यहां से लोग कपड़े और घरेलू सामान की खरीदारी भी करते हैं।
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