हिंद की चादर कहे जाने वाले गुरु को समर्पित है ये स्मारक, यहां आकर दें गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि

गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर देशभर में उनकी वीरता और धर्म-परायणता को बड़े ही गर्व के साथ याद किया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर मेमोरियल उनकी शहादत का प्रतीक है। 24 मीटर केंद्रीय संरचना, तीन आर्च, दस मोनोलिथ और हरे-भरे लॉन वाली यह जगह इतिहास, शांति और प्रेरणा का अनोखा संगम है। यहां आकर गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि दें।

KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली के चांदनी चौक पर गुरु तेग बहादुर शहीद हुए थे
  • 11.87 एकड़ का यह मेमोरियल लगभग 26 करोड़ रुपये में बना
  • मेमोरियल पर आने वाले लोगों के लिए पार्किंग मुफ्त है

आज यानी 24 नवंबर 2025 को गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस है। इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर की बहादुरी, उनके त्याग और धर्म-परायणता को याद किया जा रहा है। विशेषतौर पर दिल्ली और आनंदपुर साहिब के शीश गंज गुरुद्वारा, दिल्ली के रकाब गंज गुरुद्वारा पहुंचकर लोगों ने गुरु तेग बहादुर को याद किया। अगर आप गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं या उनके बारे में और जानना चाहते हैं तो दिल्ली में आपके पास एक विशेष स्थान और है। यह स्थान है गुरु तेग बहादुर मेमोरियल। सिख पंथ के नौवें गुरु को समर्पित यह स्मारक सिर्फ इतिहास का हिस्सा ही नहीं, बल्कि राजधानी दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान भी है।

guru teg bahadur memorial

गुरु तेग बहादुर को समर्पित है ये मेमोरियल (Photo - Delhi Tourism)

कब बना गुरु तेग बहादुर मेमोरियल?

गुरु तेग बहादुर मेमोरियल का निर्माण कार्य साल 2011 में पूरा हुआ और उसी साल इसे आम जनता के लिए खोल भी दिया गया। यह मेमोरियल लगभग 11.87 एकड़ में फैला है। इस विशाल परिसर को बनाने में उस समय लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। दिल्ली सरकार द्वारा निर्मित इस साइट की देखरेख आज दिल्ली पर्यटन विभाग करता है। गुरु तेग बहादुर को हिंद की चादर कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने औरंगजेब के अत्याचारों के खिलाफ हिंदुओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। यह मेमोरियल आज उनकी महान शहादत का प्रतीक है।

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