गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भारतीय डॉक्टर को किया सम्मानित, आर्थराइटिस के क्षेत्र में किया नाम

भारत में बढ़ती उम्र या वंशानुगत जोड़ों की बीमारी से परेशान मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। युवा वर्ग में कसरत, शारीरिक व्यायाम न करना और लगातार डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने से गर्दन और पीठ के जोड़ों पर तनाव पड़ना भी इसका मुख्य कारण बनता जा रहा है। इस बीमारी के बढ़ने के कई और भी कारण हैं, जिनमें अधिक वजन जोड़ों, विशेषकर घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जो ऑस्टियोआर्थराइटिस का प्रमुख कारण है। रूमेटोलॉजिस्ट (Rheumatologist) या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर इस पर लगातार काम कर रहे हैं, जिनमें डॉ. मुकेश शारदा भी शामिल हैं, जिन्हें गठिया रोग के प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए पहचान मिली है।

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सांकेतिक फोटो।

डॉ. मुकेश शारदा को आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य और जागरूकता फैलाने के प्रयासों के लिए उन्हें Guinness World Records द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। यह उपलब्धि न केवल उनके लंबे समय से किए जा रहे समर्पित प्रयासों का परिणाम है, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी प्रतीक मानी जा रही है। Dr. Sharda Ayurveda संस्थान पिछले कई वर्षों से आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। संस्थान विशेष रूप से रूमेटॉइड आर्थराइटिस के आयुर्वेदिक उपचार के लिए जाना जाता है। यहां पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के आधार पर मरीजों को उपचार दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य रोग के मूल कारण को समझकर उपचार करना और मरीजों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है।

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